HOME बीपी मंडल की जयंती की स्मृति में ददरा, तहबरपुर में हुई विचार...

बीपी मंडल की जयंती की स्मृति में ददरा, तहबरपुर में हुई विचार गोष्ठी

2

निजामाबाद, आजमगढ़,   (समाज वीकली)   मंडल आयोग के अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री बीपी मंडल की जयंती की स्मृति में ददरा, तहबरपुर, आजमगढ़ में विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ। मंडल कमीशन की संपूर्ण सिफारिश को लागू करने के संकल्प के साथ हुई गोष्ठी में जातिगत जनगणना और एसआईआर को लेकर गंभीर चर्चा हुई। किसान नेता राजीव यादव ने कहा कि मंडल कमीशन की संपूर्ण सिफारिशों को लागू करवाना ही बीपी मंडल को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। मंडल कमीशन राष्ट्र निर्माण का वह दस्तावेज है जो सदियों से उत्पीड़ित उस समाज को हक और अधिकार दिलवाएगा जिसे आजाद भारत में अब तक नहीं मिल पाया। जातिगत जनगणना सामाजिक न्याय की वह कुंजी है जिसके जरिए वंचितों के हक अधिकारों को सुनिश्चित किया जा सकेगा। जातिगत जनगणना की मांग तेज हुई तो जनगणना को लंबे समय तक टाला गया और जब जनगणना के साथ जातिगत जनगणना का ऐलान हुआ तो एसआईआर के नाम पर बाबा साहब द्वारा दिए गए मतदान के अधिकार पर हमला किया जा रहा है। पिछड़ों की गणना किए बगैर उनके अधिकारों को सुनिश्चित नहीं किया जा सकता। एसआईआर के जरिए नागरिकता पर हमला किया जा रहा है राजीव यादव ने कहा कि आरक्षण की 50 प्रतिशत की सीमा और क्रीमी लेयर के लागू रहते हुए सामाजिक न्याय पूर्ण रूप से नहीं मिल सकता। सामाजिक न्याय के लिए जरूरी है कि क्रीमी लेयर, उप वर्गीकरण, कोट में कोटा और 50 प्रतिशत की आरक्षण की सीमा को खत्म किया जाए। देश में जिस तरह से सार्वजनिक क्षेत्र को निजी कंपनियों के हवाले किया जा रहा है ऐसे में सामाजिक न्याय के लिए जरूरी है कि निजीकरण पर तत्काल रोक लगाई जाए। बिजली विभाग का निजीकरण या स्कूलों का मर्जर बड़ी संख्या में रोजगार पर हमला है। निजी क्षेत्र में भी आरक्षण को लागू किया जाए। सामाजिक न्याय के लिए जरूरी है कि देश की आधी आबादी महिला को उसके अधिकार मिलें, ऐसे में महिला आरक्षण में कोटे में कोटा लागू किया जाए। राजीव यादव ने कहा कि मंडल कमीशन राष्ट्र निर्माण का वह दस्तावेज है जिसकी दो सिफारिशें लागू होने से पूरे देश में क्रांतिकारी बदलाव आया। आज भी 27 प्रतिशत आरक्षण या फिर एससी/एसटी को मिला आरक्षण पूर्णत लागू नहीं हो पाया। आरक्षण वह प्रक्रिया है जिसने देश के वंचित समाज को आजाद भारत में कुछ स्तर पर प्रतिनिधित्व दिलवाया। जो आरक्षण का विरोध करते हैं उन्हें बताना चाहिए कि आरक्षण के अलावा वह कौन सी प्रक्रिया है जो जाति और जन्म के आधार पर भेदभाव का शिकार देश की बड़ी आबादी को उसके हक और अधिकार सुनिश्चित करवा सके। सभा को किसान नेता राजीव यादव, दिनेश यादव मास्टर, राम संभार प्रजापति, डाक्टर राजेंद्र यादव, सत्यम प्रजापति, एडवोकेट राजनाथ यादव कवि ने सम्बोधित किया। सभा में नंदलाल यादव, अवधेश यादव, विनोद यादव, सहाबदीन
मौजूद रहे।

राजीव यादव
8210437705

Previous articleਡਾ. ਅੰਬੇਡਕਰ ਸਕੂਲ ਬੁਲੰਦਪੁਰ ‘ਚ 16ਵੀਂ ਪੁਸਤਕ ਪ੍ਰਤਿਯੋਗਤਾ ਕਰਵਾਈ ਗਈ *ਬਾਬਾ ਸਾਹਿਬ ਜੀ ਦੇ ਸੰਘਰਸ਼ਾਂ ਸਦਕਾ ਸਾਨੂੰ ਸਮਾਨਤਾ ਪ੍ਰਾਪਤ ਹੋਈ-ਪ੍ਰਿੰ. ਜੱਸਲ
Next articleਐਡੀਲੇਡ ਸੰਗਤ ਵੱਲੋਂ ਰਿਸ਼ੀ ਗੁਲਾਟੀ ਦੇ ਸਹਿਯੋਗ ਨਾਲ ਮਾਨਸਿਕ ਤੰਦਰੁਸਤੀ ਲਈ ਦੂਸਰੀ ਸ਼ਕਤੀਕਰਨ ਵਰਕਸ਼ਾਪ “ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਅਜੇ ਬਾਕੀ ਹੈ” ਦਾ ਆਯੋਜਨ ਕੀਤਾ ਗਿਆ