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लंदन – इंडियन वर्कर्स एसोसिएशन (ग्रेट ब्रिटेन) ने ब्रिटेन में लागू हुए Employment Rights Act 2025 का स्वागत किया है। यह क़ानून अब पूरी तरह मंज़ूर हो चुका है और कामगारों के अधिकारों को मज़बूत बनाता है।
सरकार के अनुसार, इस क़ानून से लगभग 1.5 करोड़ (15 मिलियन) कामगारों को लाभ मिलेगा। यह ख़ास तौर पर उन लोगों के लिए मददगार है जो कम वेतन पर काम करते हैं, अस्थायी या असुरक्षित नौकरियों में हैं, या जिन्हें पहले पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिलती थी।
इस नए क़ानून से क्या फ़ायदे होंगे?
• नौकरी के पहले दिन से ही पितृत्व अवकाश और माता-पिता के लिए अवकाश
• बीमारी के दौरान स्टैच्युटरी सिक पे में सुधार, ताकि मज़दूर बिना डर छुट्टी ले सकें
• गलत तरीके से नौकरी से निकाले जाने के ख़िलाफ़ मज़बूत सुरक्षा
• असुरक्षित और शोषण वाली कामकाजी प्रथाओं पर रोक
• गर्भवती महिलाओं और कामकाजी माता-पिता के लिए बेहतर सुरक्षा
इस अवसर पर सीतल सिंह गिल, महासचिव, इंडियन वर्कर्स एसोसिएशन (ग्रेट ब्रिटेन), ने कहा:
“यह क़ानून कामगारों के लिए एक ऐतिहासिक और लंबे समय से प्रतीक्षित जीत है। यह उन समस्याओं को स्वीकार करता है जिनसे लाखों लोग रोज़ अपने काम पर जूझते हैं और इससे कार्यस्थलों पर सम्मान, सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित होगा।”
उन्होंने आगे कहा:
“कम वेतन पर काम करने वाले और अश्वेत, एशियाई तथा प्रवासी समुदायों से जुड़े कामगारों को इससे सबसे ज़्यादा लाभ मिलेगा। अब पहली बार बहुत-से कामगार अपने अधिकारों को लेकर सुरक्षित महसूस करेंगे।”
एसोसिएशन ने ट्रेड यूनियनों और ट्रेड्स यूनियन कांग्रेस (TUC) की भूमिका की भी सराहना की और इस बात पर ज़ोर दिया कि अब सबसे ज़रूरी है कि इन अधिकारों को ज़मीन पर सही तरीके से लागू किया जाए, ताकि कामगारों को वास्तविक लाभ मिल सके।



