HOME अंबेडकर भवन में एल. आर. बाली को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई

अंबेडकर भवन में एल. आर. बाली को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई

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Photo Caption: Activists of Ambedkar organizations paying tribute to Shri L. R. Balley
Sohan Lal

जालंधर (समाज वीकली): अंबेडकर मिशन सोसाइटी पंजाब (रजि.) ने ऐतिहासिक स्थान अंबेडकर भवन, डॉ अंबेडकर मार्ग, जालंधर में प्रख्यात अंबेडकरवादी, महान विचारक, निर्भीक वक्ता, भीम पत्रिका के संपादक श्री एल. आर. बाली की श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। अंबेडकर भवन ट्रस्ट (रजि.), अखिल भारतीय समता सैनिक दल (रजि.) पंजाब इकाई और अंबेडकर मिशन सोसाइटी पंजाब (रजि.) के सदस्यों द्वारा श्री एल. आर. बाली को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सोसाइटी के संरक्षक और ट्रस्ट के चेयरमैन सोहन लाल डीपीआई (कॉलेजों) ने बाली साहिब को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाली साहिब ने पंजाब में बाबा साहिब की विचारधारा के प्रचार और प्रसार की नींव रखी। उन्होंने अपने प्रेरक लेखन के माध्यम से जनजागृति पैदा करने का अभूतपूर्व प्रयास किया। उन्होंने कहा कि बाली साहब का पूरा जीवन पीड़ित और शोषित लोगों के लिए समर्पित था।

Prof Balbir

सोसायटी के उपाध्यक्ष प्रोफेसर बलबीर ने अपने संबोधन में बाली जी को अंबेडकर की विचारधारा का एक महान विचारक बताया और जन संघर्ष में उनके अतुल्य योगदान तथा अपनी अनेक पुस्तकों के माध्यम से उस समय के युवाओं में जोश और उत्साह की नई चेतना पैदा करने की बहुत सराहना की।

G C Kaul

सोसायटी के संरक्षक और अंबेडकर भवन ट्रस्ट के महासचिव डॉ. जी.सी. कौल ने बाली साहब को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि बाली साहब उन चंद शुरुआती अंबेडकरवादियों में से एक थे जिन्होंने पंजाब में अंबेडकर की विचारधारा के प्रचार और प्रसार की नींव रखी। उन्होंने भारी विरोध के बावजूद पंजाब ही नहीं, बल्कि अनेक आंदोलनों का नेतृत्व करते हुए विपुल साहित्य सृजन कर बाबा साहब के मिशन को पूरे भारत में जन-जन तक पहुंचाया। सोसायटी के अध्यक्ष चरणदास संधू ने बाबा साहब के परिनिर्वाण के समय 6 दिसंबर 1956 को सरकारी नौकरी से त्यागपत्र देने के बाद बाली साहब द्वारा चलाए गए निरंतर जन-संघर्ष को याद किया। उन्होंने कहा कि 1958 में हिंदी में ‘भीम पत्रिका’ शुरू करके बाली जी ने पूरे भारत में अंबेडकर की विचारधारा के बारे में जागरूकता पैदा करने का महत्वपूर्ण प्रयास किया। 1964 में आरपीआई द्वारा शुरू किए गए मोर्चे के दौरान वे अपने सैकड़ों साथियों सहित गिरफ्तार हुए और अपने पूरे परिवार के साथ 70 दिन जेल में रहे। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव के रूप में निभाई गई भूमिका, पंजाब में दलितों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ निरंतर संघर्ष, 1982 में बाबा साहब के जन्मदिन पर राजपत्रित अवकाश के लिए संघर्ष तथा तलहन कांड जैसे विभिन्न मोर्चों को चलाकर दलितों के अधिकारों की प्राप्ति के लिए किए गए प्रयासों को याद किया।

श्री जसविंदर वरियाणा, परमिंदर सिंह खुटन, डॉ. चरणजीत सिंह, गौतम सांपला तथा डॉ. महेंद्र संधू ने भी श्री एलआर बाली को श्रद्धांजलि अर्पित की। सोसायटी के महासचिव बलदेव राज भारद्वाज ने भी बाली साहब को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा सभी का धन्यवाद करते हुए कहा कि बाली साहब द्वारा समाज के लिए किए गए कार्यों के कारण बाली साहब का नाम अमर हो गया है तथा जब तक सूरज-चांद रहेगा, बाली साहब का नाम अमर रहेगा। इस अवसर पर निर्मल सिंह बिंजी, अश्वनी कुमार, रमेश बांगड़ व विक्की आदि उपस्थित थे।

C D Sandhu
Gautam
BR Bhardwaj
P S Khutan
J Wariana
Dr Charanjit

बलदेव राज भारद्वाज
महासचिव
अंबेडकर मिशन सोसायटी पंजाब (रजि.)

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