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 जातिगत जनगणना को समयबद्ध किया जाए – एआईपीएफ

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नगणना में आर्थिक,शैक्षिक व सरकारी नौकरी में प्रतिनिधित्व के कालम को बढ़ाया जाए

एस आर दारापुरी

लखनऊ    (समाज वीकली)   ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट ने भारत सरकार की कैबिनेट द्वारा सामान्य जनगणना के साथ जाति जनगणना कराए जाने के फैसले को सही कदम बताया है। साथ ही सरकार द्वारा इस कार्य को समयबद्ध करने मांग की है, ताकि महिला आरक्षण कानून जैसे फैसले की तरह यह भी लटका ना रहे। एआईपीएफ की राष्ट्रीय कार्यसमिति ने कहा है कि जनगणना प्रत्येक 10 साल के अंतराल पर की जाती थी, लेकिन 2021 में कोरोना महामारी के कारण जनगणना टल गई थी। इसके चलते राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) को भी अपडेट करने का काम बाकी है। अभी तक जनगणना कराने की तारीख का भी ऐलान नहीं हुआ है। इसलिए केंद्र सरकार को इसकी तारीख का ऐलान करना चाहिए। एआईपीएफ ने यह भी कहा है कि इस जनगणना में सभी जातियों की आर्थिक, शैक्षिक और सरकारी नौकरियों में प्रतिनिधित्व के विवरण हेतु  कालम भी बढ़ाया जाना चाहिए, ताकि यह पता चल सके कि किस जाति की कितनी हिस्सेदारी है और इसके आधार पर आने वाले समय में आर्थिक, शैक्षिक व सरकारी नौकरियों में हिस्सेदारी हेतु नीति बनाने के लिए समुचित कदम उठाए जा सकें। इसके साथ ही संथाल/उरांव आदिवासियों की ‘सरना धर्म’ को धर्म की सूची में शामिल करने तथा ‘अन्य धर्म’ की श्रेणी को भी पूर्ववत बहाल किया जाए।

एस. आर. दारापुरी

राष्ट्रीय अध्यक्ष, ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट।

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