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लाहौरी राम बाली जी एक निडर, निर्भीक और अद्वितीय व्यक्तित्व थे – प्रोफेसर जगमोहन सिंह

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जालंधर   (समाज वीकली)   अंबेडकर मिशन सोसाइटी (रजि.) पंजाब ने मरहूम श्री लाहौरी राम बाली जी के चौथे परिनिर्वाण दिवस को समर्पित एक संगोष्ठी का आयोजन किया। इस संगोष्ठी में शहीद भगत सिंह के भतीजे प्रोफेसर जगमोहन सिंह मुख्य वक्ता और अजीत समाचार समूह के वरिष्ठ पत्रकार सतनाम सिंह मानक विशेष वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि प्रोफेसर जगमोहन सिंह ने 1949 में शहीद-आजम स. भगत सिंह जी के गांव  खटकड़कलां में श्री लाहौरी राम बाली जी से हुई अपनी पहली मुलाकात को याद करते हुए कहा कि मेरी माता बीबी अमर कौर जी (शहीद भगत सिंह की छोटी बहन) बाली साहब को अपना भाई मानती थीं। उन्होंने कहा कि मेरी माता ने बाली साहब को मेरा हाथ सौंपते हुए मुझे हिदायत दी थी कि आज से तुम्हें बाली साहब के पदचिन्हों पर चलकर अपने विचारों में परिपक्वता लानी है। प्रोफेसर जगमोहन सिंह ने कहा कि बाली जी एक निडर, साहसी और अद्वितीय व्यक्तित्व थे। वे एक गंभीर लेखक, पत्रकार,  और प्रभावशाली वक्ता थे जिन्होंने सरकार की पूंजीवादी और दमनकारी नीतियों के विरुद्ध मुखर आवाज उठाई। अपने लेखन और समय-समय पर शुरू किए गए आंदोलनों के माध्यम से उन्होंने पंजाब समेत पूरे भारत में अंबेडकरवाद की क्रांतिकारी विचारधारा का ध्वज फहराया। मुख्य अतिथि ने कहा कि बाली जी के संरक्षण में निर्मित अंबेडकर भवन एक ऐतिहासिक और यादगार स्थान है जहाँ से डॉ. अंबेडकर साहब के सैद्धांतिक दर्शन का प्रचार-प्रसार होता है। उन्होंने अंबेडकर मिशन सोसाइटी को सुझाव दिया कि भवन में नियमित कार्यशालाओं का आयोजन करके युवाओं, विशेषकर स्कूली छात्रों को बाबा साहब के समानता, स्वतंत्रता, बंधुत्व, सामाजिक न्याय और तर्कसंगतता के सिद्धांतों से जोड़ा जाए। कार्यक्रम के विशेष अतिथि, वरिष्ठ पत्रकार और प्रख्यात बुद्धिजीवी, रोजाना अजीत के संपादक श्री सतनाम सिंह मानक जी, जिन्होंने पंजाब, पंजाबी, पंजाबियत और भारतीयों की समस्याओं पर गंभीर और सार्थक लेख लिखे हैं, ने कहा कि बाबा साहब हमेशा से मेरे लिए प्रेरणा के स्रोत रहे हैं। उन्होंने डॉ. अंबेडकर साहब की धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक और पिछड़े एवं दलित समाज के उत्थान के संघर्ष की नीति को अपने जीवन का मुख्य उद्देश्य माना और अपने लेखन और आंदोलनों के माध्यम से निरंतर संघर्षपूर्ण जीवन व्यतीत किया। मानक जी ने कहा कि वर्तमान में हिंदुत्ववादी ताकतों ने देश की सभी संस्थाओं पर कब्जा कर लिया है और एक राष्ट्र, एक चुनाव जैसे संवैधानिक संशोधनों और नए निर्वाचन क्षेत्र परिसीमन के माध्यम से वे दलितों, अल्पसंख्यकों और भारत के संघीय ढांचे को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। उच्च शिक्षा को आम आदमी की पहुंच से बाहर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि आज का भारत एक भयभीत देश है। मानक जी ने कहा कि इस भयावह स्थिति से निकलने के लिए तथागत बुद्ध, सूफी, भक्ति आंदोलन, गुरमत आंदोलन, गदरी आंदोलन और बौद्धिक क्रांति शुरू करने वाले डॉ. अंबेडकर की विचारधारा में विश्वास रखने वालों को एक मंच पर एकजुट होकर भारतीय संविधान, लोकतंत्र, दलितों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करना होगा, तभी हिंदू राष्ट्र के बढ़ते प्रभाव को समाप्त किया जा सकता है। प्रख्यात लेखक और बुद्धिजीवी डॉ. सुरिंदर अजनात  ने कहा कि बाली साहब एक गंभीर विचारक, अंबेडकरवादी विचारधारा के प्रति समर्पित लेखक और दलितों के लिए निरंतर संघर्ष करने वाले एक महान योद्धा थे। उनका संपूर्ण जीवन बुद्ध और अंबेडकर की विचारधारा को समर्पित था और अपने लेखन और भाषणों के माध्यम से उन्होंने दलित समाज में एक नई चेतना का प्रसार किया। पूर्व राजदूत रमेश चंद्र ने बाली साहब को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके आंदोलनकारी व्यक्तित्व का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संस्था द्वारा बाली साहब पर शुरू की गई व्याख्यान श्रृंखला को निरंतर जारी रखा जाना चाहिए। श्री सोहन लाल सांपला (जर्मनी), डॉ. जी.सी. कौल, जसविंदर वारियाना और एडवोकेट हरभजन सांपला ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए और दिवंगत लाहौरी राम बाली जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। अम्बेडकर मिशन सोसायटी के अध्यक्ष प्रोफेसर बलबीर ने सभी अतिथियों एवं दर्शकों का धन्यवाद किया। सोसायटी के मुख्य सलाहकार चरण दास संधू ने मंच का बखूबी संचालन किया। इस अवसर पर अन्यों के अलावा डॉ. महिंदर संधू, बलदेव राज भारद्वाज परमिंदर सिंह खुतन, डॉ. राहुल बाली, तिलक राज, कमलशील बाली, डॉ. चरणजीत सिंह, निर्मल बिंजी, चरणजीत सिंह चन्नी, कमल कुमार, प्रिंसिपल परमजीत जस्सल, प्रिंसिपल कुलवंत सिंह फुल्ल, डी. पी. भगत, मनजीत सिंह, ओम प्रकाश, चमन सांपला, प्रो. अतिंदर सिंह, प्रो. अश्वनी जस्सल, अजय यादव, रूप लाल, एम. आर. सल्लन, डॉ. संदीप मेहमी, सूरज बिरदी, बलविंदर पुआर, इंजी. जीत सिंह, हुसन लाल फूलपुर, मलकीत सिंह, जगदीश कुमार डालिया, परमजीत महे, स्वर्ण दास, जी. राज अंगुराना, हरि सिंह थिंद, धनी राम, पिशोरी लाल संधू, हितेश कुमार, सोनिया भारद्वाज, गुरमीत कौर आदि मौजूद थे। यह जानकारी अंबेडकर मिशन सोसाइटी के महासचिव बलदेव राज भारद्वाज ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी।

बलदेव राज भारद्वाज,  महासचिव, अंबेडकर मिशन सोसाइटी (रजि.), पंजाब

 

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