समाज वीकली यू के
इंडियन वर्कर्स एसोसिएशन (ग्रेट ब्रिटेन) कल लंदन में टॉमी रॉबिन्सन द्वारा आयोजित फार-राइट ‘यूनाइट द किंगडम’ रैली के दौरान हुई नफ़रत और हिंसा की कड़ी निंदा करती है। ख़बरों के अनुसार पुलिस पर बोतलें और अन्य सामान फेंके गए, जिससे 26 अधिकारी घायल हो गए। मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने पुष्टि की है कि 25 लोगों को विभिन्न गंभीर अपराधों में गिरफ्तार किया गया।
इन चरमपंथियों द्वारा नफ़रत, विभाजन और डर फैलाने के हिंसक प्रयासों के बावजूद, हज़ारों लोग स्टैंड अप टू रेसिज़्म द्वारा आयोजित काउंटर-डेमोंस्ट्रेशन में शामिल हुए। इसमें ट्रेड यूनियनों, सामुदायिक समूहों और प्रगतिशील संगठनों ने देशभर से भाग लिया। इंडियन वर्कर्स एसोसिएशन (ग्रेट ब्रिटेन) ने गर्व से इस काउंटर-प्रदर्शन में हिस्सा लिया। हमारे सदस्य देश के विभिन्न हिस्सों से यात्रा कर एकता का संदेश देने पहुँचे।
इंडियन वर्कर्स एसोसिएशन (जी.बी.) के महासचिव सिटल सिंह गिल ने कहा:

“इस देश में नस्लवाद और फासीवाद लंबे समय से मौजूद है — यह हमारे लिए कोई नई बात नहीं है। लेकिन इतिहास गवाह है कि हमने हमेशा इसका विरोध किया है और इसे हराया है। हर व्यक्ति को गर्व होना चाहिए कि हमने कल फार-राइट चरमपंथियों की बर्बरता और पागलपन के ख़िलाफ़ खड़े होकर उसका सामना किया। जो कुछ हुआ, वह हर उस व्यक्ति के लिए चेतावनी होना चाहिए जो बुनियादी इंसानियत में विश्वास रखता है।
अब हमें तय करना है कि क्या हम ऐसे समाज में जीना चाहते हैं जहाँ ताक़त ही सच मानी जाती है और जहाँ कोई भी व्यक्ति, जो ‘लिटल इंग्लैंडर’ नस्लवादी, स्त्री विरोधी, होमोफोबिक, ट्रांसफोबिक, इस्लामोफोबिक और ट्रेड यूनियन विरोधी सोच में फिट नहीं होता, उसे निशाना बनाया जाता है। लोगों को अब जागना होगा।
हमें एकजुट होकर उन राजनीतिक ताक़तों का विरोध करना होगा जो प्रवासियों और ब्रिटेन के मज़दूरों के ख़िलाफ़ नफ़रत फैला रही हैं। हमने अतीत में भी फासीवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ी है, हम आज भी लड़ेंगे और भविष्य में भी जीतेंगे।”
इंडियन वर्कर्स एसोसिएशन (ग्रेट ब्रिटेन) एक बार फिर अपने अटूट संकल्प को दोहराती है कि हम नस्लवाद, फासीवाद और हर प्रकार के भेदभाव का डटकर विरोध करते रहेंगे। हम सभी प्रगतिशील लोगों, ट्रेड यूनियनों और सामुदायिक संगठनों से अपील करते हैं कि समानता, न्याय और मानवता की रक्षा के लिए एकता और प्रतिरोध का मजबूत मोर्चा तैयार किया जाए।




