लंदन (प्रेस विज्ञप्ति) (समाज वीकली) भारतीय वर्कर्स एसोसिएशन (ग्रेट ब्रिटेन) ने पूरे भारत में चल रहे छात्र आंदोलन के प्रति अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त करते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध पुलिस द्वारा किए गए बल प्रयोग की कड़ी निंदा की है। एसोसिएशन के महासचिव सीतल सिंह गिल द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया में प्रकाशित रिपोर्टें, जिनमें छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस के इस्तेमाल तथा बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के घायल होने की खबरें शामिल हैं, अत्यंत चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक देश में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का मौलिक और संवैधानिक अधिकार है, जिसका हर हाल में सम्मान किया जाना चाहिए।बयान में कहा गया कि यह छात्र आंदोलन अब केवल परीक्षा प्रणाली तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि बेरोज़गारी,
भ्रष्टाचार, युवाओं के भविष्य और समान अवसरों की कमी के विरुद्ध एक राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन का रूप ले चुका है। भारत के विभिन्न राज्यों और शहरों में लाखों छात्र और युवा अपनी न्यायोचित मांगों के समर्थन में सड़कों पर उतरकर संघर्ष कर रहे हैं।भारतीय वर्कर्स एसोसिएशन ने चिंता व्यक्त की कि लगातार जारी प्रदर्शनों के कारण कई स्थानों पर यातायात प्रभावित हुआ है और रेल सेवाओं में भी बाधाएं उत्पन्न हुई हैं, जिससे आम नागरिकों, दैनिक यात्रियों और व्यापारिक गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। गर्मियों की छुट्टियां मनाने भारत आए हजारों प्रवासी भारतीय (एनआरआई) भी यात्रा में व्यवधान और अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं। एसोसिएशन ने कहा कि सरकार को छात्रों की न्यायोचित मांगों का जवाब लाठीचार्ज और बल प्रयोग से नहीं, बल्कि संवाद, पारदर्शिता और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधारों के माध्यम से देना चाहिए। लोकतंत्र में असहमति को दबाना नहीं, बल्कि उसे सुनना और उसका समाधान निकालना सरकारों का दायित्व होता है। बयान में कहा गया कि भारत के छात्रों को अब केवल देश के भीतर ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में बसे भारतीय समुदाय का भी व्यापक समर्थन मिल रहा है। विभिन्न देशों में एकजुटता प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं, जो इस बात का प्रमाण हैं कि भारत के युवाओं की आवाज़ अब वैश्विक स्तर पर गूंज रही है। भारतीय वर्कर्स एसोसिएशन (ग्रेट ब्रिटेन) ने घोषणा की है कि वह भारत के छात्रों के समर्थन में शीघ्र ही ब्रिटेन में एक विशाल एवं शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित करेगी। इस अवसर पर ट्रेड यूनियनों, छात्र संगठनों, मानवाधिकार संस्थाओं तथा भारतीय मूल के लोगों से बड़ी संख्या में इसमें शामिल होने की अपील की गई है।सीतल सिंह गिल ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसके युवा हैं। यदि युवाओं की आवाज़ को दबाया जाएगा तो इससे लोकतंत्र कमजोर होगा। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि किसी भी देश की प्रगति दमन से नहीं, बल्कि न्याय, संवाद, पारदर्शिता और लोकतांत्रिक मूल्यों के सम्मान से होती है। अंत में भारतीय वर्कर्स एसोसिएशन (ग्रेट ब्रिटेन) ने भारत सरकार से अपील की कि छात्रों की न्यायोचित मांगों को गंभीरता से सुना जाए, बल प्रयोग तुरंत रोका जाए, घायलों को समुचित उपचार और न्याय उपलब्ध कराया जाए तथा छात्र प्रतिनिधियों के साथ तत्काल संवाद शुरू कर इस संकट का शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक समाधान निकाला जाए।






