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मध्य पूर्व में तत्काल युद्धविराम की मांग – इंडियन वर्कर्स एसोसिएशन (ग्रेट ब्रिटेन)

Sital Singh Gill, General Secretary of the Indian Workers Association (Great Britain)

समाज वीकली यू के

इंडियन वर्कर्स एसोसिएशन (ग्रेट ब्रिटेन) ने मध्य पूर्व में बढ़ती हिंसा और युद्ध की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए तत्काल युद्धविराम की मांग की है।

आज जारी एक बयान में संगठन ने कहा कि लगातार हो रहे सैन्य हमलों का सबसे बड़ा खामियाजा आम और निर्दोष लोगों को भुगतना पड़ रहा है। हजारों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, अनेक लोग घायल हुए हैं और बड़ी संख्या में परिवार अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर हो गए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में गंभीर मानवीय संकट पैदा हो गया है।

एसोसिएशन ने कहा कि इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की नीतियों ने पूरे क्षेत्र को अस्थिरता और विनाश की ओर धकेल दिया है। बयान में यह भी कहा गया कि नेतन्याहू और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प जैसे युद्धोन्मुख नेतृत्व ने वैश्विक तनाव को बढ़ाने में भूमिका निभाई है।

इंडियन वर्कर्स एसोसिएशन (ग्रेट ब्रिटेन) के महासचिव सीतल सिंह गिल ने कहा कि सैन्य हमलों का जारी रहना मानव पीड़ा को और गहरा करेगा।

उन्होंने कहा,
“मध्य पूर्व में चल रहा युद्ध और बमबारी मानवता के लिए गंभीर खतरा है। इन हमलों ने निर्दोष लोगों के जीवन को तबाह कर दिया है और पूरे क्षेत्र में तनाव को बढ़ा दिया है। दुनिया को ऐसे नेतृत्व की जरूरत है जो शांति, संवाद और न्याय को प्राथमिकता दे, न कि ऐसी नीतियां जो संघर्ष को और बढ़ावा दें।”

गिल ने विश्व की सरकारों और संयुक्त राष्ट्र से अपील की कि वे तत्काल हस्तक्षेप कर युद्धविराम सुनिश्चित करें और सभी पक्षों को कूटनीतिक बातचीत के माध्यम से समाधान खोजने के लिए प्रोत्साहित करें।

उन्होंने यह भी कहा कि कई देश और अंतरराष्ट्रीय साझेदार तनाव कम करने और संवाद को बढ़ावा देने के प्रयास कर रहे हैं। यूरोपीय संघ के देशों—फ्रांस, जर्मनी, स्पेन और आयरलैंड—ने संयम बरतने, अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने और हिंसा समाप्त करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों की अपील की है।

एसोसिएशन ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के उस बयान का भी स्वागत किया है जिसमें कहा गया कि इज़राइल के हमले रुकने चाहिए। संगठन का मानना है कि यह बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती चिंता को दर्शाता है और शांति स्थापित करने के लिए मजबूत कूटनीतिक प्रयासों की आवश्यकता को रेखांकित करता है।

गिल ने कहा,
“अंतरराष्ट्रीय समुदाय को सत्य, न्याय और मानवता के पक्ष में खड़ा होना चाहिए। केवल संवाद और कूटनीति ही स्थायी शांति का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं।”

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