लखनऊ, (समाज वीकली) ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट की उत्तर प्रदेश राज्य कार्य समिति का मानना है कि वनाधिकार कानून को यदि उत्तर प्रदेश में ठीक से लागू किया गया होता और लोगों को उनकी पुश्तैनी जंगल की जमीन पर कानूनी अधिकार दिया गया होता तो ग्रामीण गरीबों और वन विभाग में जगह-जगह हो रहे संघर्ष ना होते। ज्ञातव्य है कि पूरे प्रदेश में वनाधिकार के लिए 92433 दावे जमा किए गए थे। जिसमें 73416 दावों को सरकारों ने बिना किसी सुनवाई के खारिज कर दिया। उसमें भी सोनभद्र में 65526 दावों में 53506 दावे, चंदौली में 14088 दावों में 13998 दावे और मिर्जापुर में 3413 में से 3128 दावों को निरस्त किया गया। सरकार ने वनाधिकार कानून के तहत बेहद कम जमीनों का आवंटन किया है। ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट से जुड़ी हुई आदिवासी वनवासी महासभा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में दो-दो बार जनहित याचिका दायर की और 2018 में हाईकोर्ट ने जनहित याचिका संख्या 56003/ 2017 में 11 अक्टूबर 2018 को राज्य सरकार को वनाधिकार कानून में दाखिल दावों पर पुनर्विचार कर अधिकार देने और जब तक दावों का निस्तारण पूर्ण रूप से ना हो तब तक किसी भी तरह के उत्पीड़न पर रोक लगाने का आदेश दिया था। खुद वनाधिकार कानून की धारा 5 में यह कहा गया है कि दावों के अंतिम निस्तारण तक किसी की भी बेदखली नहीं होगी। बावजूद इसके जंगल की जमीन पर बसे आदिवासियों और वनाश्रितों को उनकी जमीन से बेदखल करने की कार्रवाई वन विभाग और प्रशासन द्वारा की जाती रही है। एआईपीएफ यह मानता है कि कुछ इस तरह के तत्व हैं, जिनकी पहुंच सत्ता तक है, उन्होंने कुछ इलाको में वन विभाग की बहुत अधिक जमीन हड़प ली है। लेकिन गरीब, दलित, आदिवासी लोगों का मिर्जापुर, सोनभद्र व चंदौली से लेकर बुंदेलखंड तक जंगल की जमीनों पर पुश्तैनी कब्जा है। जिस पर वनाधिकार कानून में अधिकार दिया जाना न्यायोचित होता। इसलिए प्रदेश की योगी सरकार को नए सिरे से वनाधिकार कानून को लागू करना चाहिए और कोल जाति को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने की कार्रवाई करनी चाहिए। यह न करके सरकार वनाधिकार कानून को लागू करने की मांग करने वाले राजनीतिक सामाजिक कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न कर रही है। इसी पृष्ठभूमि में ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट भाकपा (माले) राज्य सचिव सुधाकर यादव समेत कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की निंदा करता है और उनकी तत्काल रिहाई की मांग करता है।
राज्य कार्य समिति की ओर से,
डॉ बी. आर. गौतम
प्रदेश अध्यक्ष
ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट, उत्तर प्रदेश



