खुद ही अदालत, खुद ही जज, न्यायलय को दिखाया ठेंगा
कोर्ट में विचारधीन केस के बावजूद भू माफियाओं का जमींन पर क़ब्ज़ा। रिपोर्ट दर्ज
समाज वीकली यू के
आजमगढ़ 22 जून (संवाददाता)- आजमगढ़ के निजामाबाद थाना अंतर्गत सीधा सुल्तानपुर गांव में 17 जून की शाम एक ऐसी घटना घटी जिसने मानवता, देश की न्यायपालिका और संविधान को झकझोर कर रख दिया। जानकारी के अनुसार आजमगढ़ जिले के निजामाबाद तहसील के सीधा सुल्तानपुर गांव निवासी स्वर्गीय एजाज उर्फ झुल्लर का गांव के ही दबंग व भूमाफिया अलाउद्दीन से वर्ष 2017 से दीवानी न्यायालय में मुकदमा लंबित है। न्यायालय में मुकदमा लंबित होने के बावजूद 17 जून को शाम 4 से 6 बजे के बीच अलाउद्दीन के भाई अब्दुल्लाह नदीम पुत्र, सलमान व पप्पू करीब 14-15 सशस्त्र गुंडों की मदद से विवादित जमीन पर कब्जा करने लगे और मौक़े पर जबर्दस्ती दरवाजा खोल लिया। विदित हो कि न्यायालय में लंबित जमीन के मुकदमे में पुलिस को हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है।
इस मामले को लेकर मीडिया से बात करते हुए रियाज अहमद खान ने कहा कि हमारे भाई मरहूम एजाज और हम लोग अलाउद्दीन के खिलाफ उक्त जमीन के लिए 2017 से सिविल कोर्ट में केस लड़ रहे हैं। कोर्ट में केस की सुनवाई होने के बावजूद भी कल अलाउद्दीन आदि ने जो अपराध किया है उसकी कानून में सख्त से सख्त सजा है और हमें उम्मीद है कि न्यायपालिका हमारे साथ न्याय करेगी। इशारों ही इशारों में इस मुद्दे पर बात करते हुए रियाज अहमद के भतीजे झिंका (गूंगा) अपने साथ हुई नाइंसाफी का जिक्र करते हुए रो पड़ा। रियाज अहमद ने एसडीएम निजामाबाद एसपी आजमगढ़ और डीएम आजमगढ़ से इस मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। रियाज खान ने आगे कहा कि वास्तव में अलाउद्दीन, अब्दुल्ला, नदीम, पप्पू और सलमान आदि देश और संविधान के दुश्मन हैं, उन्होंने हमें ही नहीं बल्कि देश के कानून को आघात पहुँचाया है। यह लोग सीधा सुल्तानपुर की ग्राम समाज की तालाब की जमींन पर भी क़ब्ज़ा किये हुए हैं।योगी सरकार को न्यायलय और कानून के खिलाफ काम करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई ऐसा घिनौना कार्य करने की हिम्मत न कर सके।


