समाज वीकली यू के
चिमुर:- (27 सितम्बर) हमारे देश के लाखों लोग अंधकार और अंधविश्वास में जी रहे हैं, कई अमीर और करोड़पति लोग दीक्षा भूमि में आते है लेकीन स्टॉल पर दान नही करते ! बाबासाहेब अम्बेडकर की बदौलत हममें से कई लोग अरबपति, उद्योगपति, करोड़पति और ऊँचे पदों पर आसीन हैं। लेकिन हम समाज के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी भूल गए हैं। ईस समय में हम बेवजह के कामों पर हज़ारों रुपये खर्च कर देते हैं, लेकिन सामाजिक आंदोलन के लिए दान नहीं देते । इसलिए बाबासाहाब ने दिखाए प्रकाश के मार्ग का स्वंय और समाज को अनुसरण करने की हर एक ने कोशीश करना होगा इस तहसकी अपील बोधिसत्व डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर एजुकेशन सोसाइटी के संस्थापक अध्यक्ष सोहनलाल गिंडा ने किया ।
आने वाली पीढ़ी महापुरुषों के विचारों और मार्ग का अनुसरण करे। इसलिए अंबेडकर मिशनरी स्कूल फॉर कल्चरली एम्पावर्ड डेवलपमेंट का बिज बोने के लिए बोधिसत्व डॉ बाबासाहेब आंबेडकर एजुकेशन सोसाइटी की स्थापना जालंधर, पंजाब में हुई। इस सोसाइटी द्वारा जालंधर, पुलगाँव, चिमूर में स्कूल शुरू किए गए। एजुकेशन सोसाइटी के संस्थापक अध्यक्ष सोहनलाल गिंडा (स्कॉटलैंड यूके), जिन्होंने अंबेडकर मिशनरी स्कूल की अवधारणा को और अधिक गतिशील बनाकर देश में बाईस स्कूल खोलने का संकल्प लिया है । मार्गदर्शन हेतु भ्रमण पर 27 सितंबर को चिमूर में स्थित बोधिसत्व डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर एजुकेशन सोसाइटी की बैठक में पदाधिकारी तथा सदस्य इन्हे मार्गदर्शन कर रहे थे। उन्होंने आगे बोलते हुए कहा कि वर्तमान में समाज में फैली कुरीतियों को बदलना आवश्यक है और हमें महापुरुषों की पुस्तकों को स्वयं भी पढ़ना चाहिए और अपने बच्चों को भी आग्रहपूर्वक पढ़वाना चाहिए ताकि महापुरुषों द्वारा किए गए संघर्ष उन्हे समजे और इससे वो प्रेरणा ले ।
इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. महेश खानेकर, बोधिसत्व डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर एज्युकेशन सोसायटी चिमूर (चंद्रपूर ) अध्यक्ष प्रकाश वानखेड़े शिक्षा मंच पर उपस्थित थे।
इस दौरान उपस्थित लोगों का उचित मार्गदर्शन किया गया तथा आंबेडकर मिशन की गति को बढ़ाने के लिए समाज के अधिकाधिक लोगों तक पहुँचने हेतु, अशोक विजयादशमी पर 2 अक्टूबर को नागपुर में तथा 16 अक्टूबर को चंद्रपुर दीक्षाभूमि में प्रचार-प्रसार हेतु स्टॉल लगाने का निर्णय लेकर बडी संख्यामे इसमे सामील होनेकी तथा इन दिक्षाभुमीके स्टॉलपर पोहचते हुवे दान देणे की अपील कि गई। बैठक का आरंभ डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर, तथागत बुद्ध और सामूहिक त्रिशरण पंचशिला को वंदन के साथ हुआ। अध्यक्ष प्रकाश वानखेड़े ने परिचयात्मक भाषण दिया। संचालन स्कूल के कोषाध्यक्ष और प्रधानाचार्य सिद्धार्थ जिलटे ने किया, और धन्यवाद ज्ञापन संजय सर ने किया। इस बार सोसायटी के उपाध्यक्ष प्रकाश मेश्राम, संयुक्त सचिव पवन ताकासांडे, प्रचार सचिव जीतेंद्र सहारे, देवेन्द्र मेश्राम, नाना मेश्राम, सुभाष पेटकर ,विट्ठल बैले आदि पदाधिकारी एंव सदस्य उपस्थित थे.

अम्बेडकर विचारधारा आधारीत शैक्षिक आंदोलन में भाग लेने और बोधिसत्व डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर पब्लिक स्कूल चिमूर का सहयोग करने के लिए, कृपया हमसे संपर्क करें।



