HOME सोनम वांगचुक की गिरफ़्तारी दुर्भाग्यपूर्ण – एआईपीएफ

सोनम वांगचुक की गिरफ़्तारी दुर्भाग्यपूर्ण – एआईपीएफ

3
सोनम वांगचुक

 लद्दाख को राज्य का दर्जा एवं छठी अनुसूची को लागू करने का वादा पूरा करे मोदी सरकार

लखनऊ   (समाज वीकली)   आल इंडिया पीपुल्स फ्रन्ट की राष्ट्रीय कार्य समिति ने प्रेस को जारी बयान में कहा है कि सोनम वांगचुक की गिरफ़्तारी दुर्भाग्यपूर्ण है और उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार करना लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है। मोदी सरकार को लद्दाख के लोगों के लोकतांत्रिक शांतिपूर्ण आंदोलन पर दमन और उत्पीड़न करने के बजाय लद्दाख को राज्य का दर्जा देने एवं छठी अनुसूची को लागू करने का अपना वादा पूरा करना चाहिए। एआईपीएफ ने कहा कि यह सर्वविदित है वांगचुक लद्दाख को राज्य का दर्जा देने एवं छठी अनुसूची को लागू करने का वादा पूरा करने की मांग को लेकर पिछले चार साल से बिल्कुल गाँधीवादी शांतिपूर्ण तरीके से अपना आंदोलन एवं अनशन चला रहे थे। उनसे कई दौर की बातचीत के ज़रिए लद्दाख के लोगों की चिंताओं का समाधान करने से इनकार करने से निराश होकर, लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) और अन्य जन संगठनों ने 15 दिनों तक शांतिपूर्ण भूख हड़ताल की। मोदी सरकार ने उनकी इन मांगों को लेकर कोई भी सकारात्मक रुख नहीं दिखाया। परिणामस्वरूप शांतिपूर्ण आंदोलन की परम्परा के इस इलाके में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। उसके बाद लगता है कि सरकार ने बीजेपी दफ्तर को जलाए जाने की घटना को अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ लिया है और उस व्यक्ति पर हमला बोल दिया है जो किसी भी तरह से इसके लिए जिम्मेदार नहीं दिखता। सरकार ने वांगचुक की गिरफ़्तारी अहंकार, क्रोध और प्रतिशोध की भावना से की है जोकि जनता की लोकतान्त्रिक मांगों को दबाने का प्रयास है। उन पर राष्ट्रद्रोह की धारा लगाई गई है। पूरे लद्दाख में इंटरनेट पर पाबंदी लगा दी गई है। हालत इतनी बुरी है कि एक अत्यंत ठंडे क्षेत्र में रहने वाले सोनम वांगचुक को जोधपुर जैसे अत्यंत गर्म स्थान की जेल में रखा गया है। लद्दाख के घटनाक्रम से यह भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है कि मोदी सरकार का 370 को हटाकर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के विभाजन का फैसला पूरे तौर पर विफल साबित हुआ। आल इंडिया पीपुल्स फ्रन्ट सरकार से सोनम वांगचुक को तत्काल रिहा करने, दमन पर रोक लगाने, इंटरनेट समेत लोकतांत्रिक गतिविधियों को चालू करने और लद्दाख की जनता से किए वायदों को पूरा करने की मांग करता है।
आल इंडिया पीपुल्स फ्रन्ट की राष्ट्रीय कार्य समिति की तरफ से!
एस आर दारापुरी,
राष्ट्रीय अध्यक्ष,
आल इंडिया पीपुल्स फ्रन्ट

 

Previous articleਸੁਣੋਂ ਭਗਤ ਸਿੰਘ ਸਰਦਾਰ ਜੀਓ
Next article*ਜੁਝਾਰੂ ਆਂਗਣਵਾੜੀ ਯੂਨੀਅਨ ਪੰਜਾਬ ਅੱਜ 28 ਸਤੰਬਰ ਤੋਂ ਕਰੇਗੀ ਪੋਸ਼ਣ ਟਰੈਕਰ ਦਾ ਮੁਕੰਮਲ ਕੰਮ ਬੰਦ -ਦਲਜੀਤ ਕੌਰ ਧੌਲ*