समाज वीकली यू के
चिमूर: जितेंद्र सहारे (26 जून) अपने राज्य में जिन्होने बहुजनों की शिक्षा के लिए शिक्षण संस्थान और छात्रावास बनवाकर एक सामाजिक क्रांति ला दी। ऐसे राजश्री छत्रपति शाहू महाराज की जयंती के अवसर पर,बोधिसत्व बाबासाहेब अंबेडकर शिक्षा सोसायटी जालंधर (पंजाब) द्वारा संचालित चिमूर स्थित बोधिसत्व डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर पब्लिक स्कूल में सुबह 10:00 बजे नवप्रवेशित छात्रों और अभिभावकों के स्वागत समारोह का आयोजन किया गया और राजश्री शाहू महाराज को अभिवादन किया गया।
सामाजिक न्याय की स्थापना के लिए अपने राज्य में बहुजन वंचित समाज को सुधार और समानता के आधार पर आरक्षण देने वाले पहले व्यक्ति थे। इस प्रकार, समानता, बंधुत्व और स्वंतत्रता के लिए सामाजिक क्रांति के माध्यम से प्राणों का बलिदान देने वाले महान पुरुषों के विचारों पर आधारित समाज के निर्माण के उद्देश्य से, बोधिसत्व बाबासाहेब अंबेडकर एज्युकेशन सोसायटी जालंधर (पंजाब) द्वारा संचालित ‘बोधिसत्व डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर पब्लिक स्कूल चिमूर’ ने राजश्री शाहू महाराज की जयंती के अवसर पर नव प्रवेशित छात्रों, अभिभावकों और विद्यालय की नवनियुक्त शिक्षिका स्मिता विरुकर के स्वागत समारोह का आयोजन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कुल के अध्यक्ष माननीय प्रकाश वानखेड़े ने की, मुख्य अतिथि डॉ. महेश खानेकर , प्रधानाचार्य सिद्धार्थ जिलटे, नानाजी मेश्राम, अधिवक्ता ज्ञानेश्वर नागदेवते, लहुजी पाटिल, पवन तकसांडे, आनंद बैले और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।इस अवसर पर छात्रों और अभिभावकों का पुष्प देकर स्वागत किया गया। इस अवसर पर पुस्तकें वितरित की गईं। इस अवसर का लाभ उठाते हुए, अत्यंत प्रतिकूल परिस्थितियों से उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले और हाल ही में गोंडवाना विश्वविद्यालय से मराठी भाषा के आचार्य (पीएच.डी.) की मानद उपाधि प्राप्त करने वाले प्रोफेसर डॉ. नरेंद्र मेश्राम को भारतीय संविधान की एक प्रति और पुष्प भेंट करके सम्मानित किया गया।प्रारंभिक भाषण सचिव प्रल्हाद बोरकर ने दिया , संचालन शिक्षिका दीप्ति पाटिल और प्रकाश मेश्राम ने सभी को धन्यवाद दिया।






