
समाज वीकली यू के
इंडियन वर्कर्स एसोसिएशन (ग्रेट ब्रिटेन) ने टोरी सांसद कैटी लैम के उस नस्लभेदी और खतरनाक बयान की कड़ी निंदा की है, जिसमें उन्होंने कहा कि ब्रिटेन में कानूनी रूप से बसे परिवारों को देश से निकाल देना चाहिए ताकि ब्रिटेन “सांस्कृतिक रूप से एक समान” बन सके।
यह बयान उन लाखों प्रवासी परिवारों पर सीधा हमला है जिन्होंने कानूनी रूप से ब्रिटेन आकर उसकी अर्थव्यवस्था को मजबूत किया और उसके समाज और संस्कृति को समृद्ध बनाया। इस तरह की भाषा नफ़रत और समाज में फूट डालने वाली राजनीति का हिस्सा है — जो आधुनिक, न्यायप्रिय और समानता वाले ब्रिटेन के लिए शर्म की बात है।
सीतल सिंह गिल, महासचिव IWA(GB) ने कहा:
“कैटी लैम का बयान बहुत ही अपमानजनक और अस्वीकार्य है। जिन्होंने यहां कानूनी रूप से आकर मेहनत से काम किया, टैक्स दिया और ब्रिटेन के जीवन का हिस्सा बने — वे ब्रिटेन के ही नागरिक हैं। वे अस्पतालों में काम करते हैं, टैक्सी चलाते हैं, फैक्ट्रियों और दुकानों में सेवा करते हैं और बुज़ुर्गों की देखभाल करते हैं। उन्हें ‘घर वापस जाओ’ कहना सिर्फ़ नस्लवाद नहीं, बल्कि ब्रिटेन के मूल्यों से धोखा है।”
गिल ने कैमी बैडेनोक, कंजरवेटिव पार्टी की नेता से अपील की कि वे कैटी लैम के इस नफरत भरे बयान से खुलकर दूरी बनाएं और उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करें:
“अगर कंजरवेटिव नेतृत्व चुप रहता है, तो यह चुप्पी सहमति मानी जाएगी। ब्रिटेन के राजनीतिक नेताओं को नफरत भरे बयानों के खिलाफ खड़ा होना चाहिए और सभी कानूनी रूप से बसे लोगों के अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए।”
IWA(GB) ने प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से भी अपील की कि वे अपनी सरकार की ओर से यह स्पष्ट करें कि कानूनी रूप से बसे लोगों के अधिकार — खासकर जिनके पास Indefinite Leave to Remain (ILR) या ब्रिटिश नागरिकता है — कभी खतरे में नहीं पड़ेंगे।
“हम सभी राजनीतिक दलों को याद दिलाना चाहते हैं कि ब्रिटेन की तरक्की में प्रवासी मजदूरों की मेहनत का बड़ा योगदान है। किसी को भी हमें नस्ल या संस्कृति के नाम पर बांटने नहीं दिया जाएगा,” गिल ने कहा।
इंडियन वर्कर्स एसोसिएशन (ग्रेट ब्रिटेन) सभी प्रवासी और अल्पसंख्यक समुदायों के साथ एकजुटता में खड़ी है। हम नस्लवाद, भेदभाव और चरमपंथी विचारों के खिलाफ हर स्तर पर लड़ाई जारी रखेंगे — चाहे वह सरकारी नीतियों, राजनीति या मीडिया के ज़रिए क्यों न हो।
Issued by:
Indian Workers Association (Great Britain)
Standing for Workers • Standing for Justice • Standing for Equality


