(समाज वीकली) भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए व्यापार समझौते पर टिप्पणी करते हुए ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट की राष्ट्रीय कार्य समिति ने कहा है कि विदेशी मालों पर टैरिफ के घटने से यहां के उद्योगों का और उसमें कार्यरत मजदूरों का नुकसान होगा। यह सही है कि व्यापार में अमेरिका की दादागिरी से बचने के लिए यूरोप सहित अन्य देशों के साथ व्यापारिक समझौता होना चाहिए। लेकिन यह ध्यान रखना है कि हमारा निर्यात आयात की तुलना में बेहद कम है और जनता को व्यापार से अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता है। ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट ने फिर दोहराया है कि आर्थिक नीति की दिशा को बदला जाए और अपने घरेलू बाजार का विस्तार किया जाए। एआईपीएफ केंद्र सरकार से यह मांग करता है कि इस व्यापार समझौते को शुरू होने वाले बजट सत्र के समय संसद के पटल पर रखा जाए ताकि देश की जनता समझ सके कि इस व्यापार समझौते से यहां के लोगों की कितनी भलाई हो रही है।
राष्ट्रीय कार्य समिति की तरफ से!
एस. आर. दारापुरी, राष्ट्रीय अध्यक्ष, ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट।



