समाज वीकली यू के
रोजगार एवं सामाजिक अधिकार अभियान की समता भवन रामकटोरा में हुई बैठक एवं अति पिछडो को यू पी के पंचायत में आरक्षण देने एवं कारपोरेट घरानों पर अतिरिक्त कर लगाकर शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार की सर्वसुलभ कराने की हुई मांग
आज दिनांक 10 जनवरी 2026 को रोजगार एवं सामाजिक अधिकार अभियान की बैठक आयोजित की गई। इसमें पूर्वी उत्तर प्रदेश , बिहार एवं झारखंड के राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। दो प्रस्ताव रखे गए जिसमे पहला उत्तर प्रदेस के आगामी पंचायत चुनाव में अति पिछडो को भी आरक्षण दिया जाए एवं कारपोरेट घरानों पर अतिरिक्त कर लगाकर मिले धन को शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार जैसे बुनियादी मदो में खर्च हो।
मीटिंग को संबोधित करते हुए आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के संस्थापक सदस्य अखिलेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि आसन्न पंचायत चुनाव में अत्यंत पिछड़े वर्ग को अलग आरक्षण कोटा सुनिश्चित किया जाए, ऐसा अगर योगी सरकार चाहे तो आसानी से कर सकती है। उन्होंने कहा कि एसटी, एसटी, अत्यंत पिछड़ा वर्ग, पसमांदा मुस्लिम और महिलाओं को बुनियादी ईकाई के बतौर देखा जाए । इन्हें पहचान की राजनीति नहीं बल्कि अधिकार और बदलाव की राजनीति का वाहक बनाया जाए। आगे उन्होंने कहा कि बड़े पूंजी घरानों की संपत्ति पर समुचित टैक्स लगाया जाए तो पर्याप्त संसाधन जुटाए जा सकते हैं जिससे देश में नागरिकों के सम्मानजनक जीवन हेतु रोजगार, शिक्षा व स्वास्थ्य समेत इन वंचित समुदायों के अधिकारों के लिए समुचित बजट आवंटन किया जा सकता है।
बी एच यू छात्रसंघ के पूर्व महामंत्री डॉ सूबेदार सिह ने कहा कि अति पिछडो का हक तभी मिलेगा जब राजनीतिक कार्यकर्ता सड़़क पर लड़ने के लिए कटिबद्ध होंगे क्योकि देश की सरकार और सारे राजनीतिक दलो की मंशा सवालो के घेरे में है।
पूर्व एम एल सी अरविंद सिह ने कहा कि अति पिछड़ो के हक के लिए हम लोगो को सड़कों पर आंदोलन के लिए उतरना होगा।
अन्य वक्ताओं में कुँवर सुरेश, जोखू सिद्दकी, डॉ हर्षवर्धन, राजेश सचान, डॉ शम्मी कुमार सिह रहे।
संचालन राष्ट्रीय उदय पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबू राम पाल एवं अध्यक्षता इंद्रजीत शर्मा ने किया ।



