
पटना (समाज वीकली) सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष धनंजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि वर्तमान समय में कॉकरोच बैनर तले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से वैचारिक असहमति रखने वाले युवाओं पर जिस प्रकार की कार्रवाई की जा रही है, वह लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान द्वारा प्रदत्त “अभिव्यक्ति की आज़ादी” के अधिकार के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि युवाओं के संगठन कॉकरोच जनता पार्टी का ट्विटर अकाउंट बंद कराना, इंस्टा अकाउंट हैक कराना, वेबसाइट को ब्लॉक करना, विरोध दर्ज कर रहे युवाओं को पाकिस्तान या देशविरोधी ताकतों से जोड़कर बदनाम करना तथा विरोध की आवाज़ों को दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए शुभ संकेत नहीं है। यह स्थिति देश में भय और दमन का वातावरण पैदा करती है। धनंजय कुमार सिन्हा ने कहा कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी बात रखने, सरकार की नीतियों की आलोचना करने तथा लोकतांत्रिक ढंग से विरोध दर्ज कराने का अधिकार देता है। सोशलिस्ट विचारधारा हमेशा से लोकतंत्र, समानता और नागरिक स्वतंत्रता की पक्षधर रही है।उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार युवाओं के आलोचनात्मक आवाज़ों को कुचलने और असहमति को अपराध की तरह प्रस्तुत करने की कोशिश करेगी, तो देश में वही परिस्थितियाँ उत्पन्न हो सकती हैं जैसी 1975 की आपातकाल अवधि में बनी थीं। इतिहास गवाह है कि जब-जब लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने की कोशिश हुई, जनता ने उसके विरुद्ध निर्णायक आवाज उठाई। सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) ने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह लोकतंत्र की भावना का सम्मान करे तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर किसी भी प्रकार की अनावश्यक रोक लगाने से बचे। पार्टी ने देश के युवाओं, बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं लोकतांत्रिक शक्तियों से भी आह्वान किया कि वे संविधान और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर आवाज उठाएँ।



