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लंदन में भारत के छात्रों की ऐतिहासिक जीत का जश्न, शिक्षा सुधार और लोकतांत्रिक अधिकारों के समर्थन में हजारों लोगों का मार्च

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समाज वीकली यू के

इंडियन वर्कर्स एसोसिएशन (ग्रेट ब्रिटेन) ने बिहार में पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की

लंदन, 27 जुलाई: भारत के छात्र आंदोलन के समर्थन में रविवार को लंदन के ट्राफलगर स्क्वायर में हजारों लोग एकत्र हुए, जहां से एक विशाल और शांतिपूर्ण मार्च भारतीय उच्चायोग तक निकाला गया। इसे ब्रिटेन में भारत के छात्रों के समर्थन में आयोजित सबसे बड़े प्रदर्शनों में से एक माना जा रहा है।

साउथ एशिया सॉलिडैरिटी ग्रुप द्वारा आयोजित लंदन डे ऑफ़ एक्शन में इंडियन वर्कर्स एसोसिएशन (ग्रेट ब्रिटेन), यूके इंडियन मुस्लिम काउंसिल, हिंदूज़ फॉर ह्यूमन राइट्स यूके, स्ट्राइव यूके, स्वागतम तथा अनेक छात्र, ट्रेड यूनियन, मानवाधिकार और सामुदायिक संगठनों ने भाग लिया।

प्रदर्शनकारियों ने भारत के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े का स्वागत करते हुए इसे छात्रों के शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक संघर्ष की एक ऐतिहासिक जीत बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही, भ्रष्टाचार पर रोक तथा लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है।

ट्राफलगर स्क्वायर में जनसभा और ओपन माइक कार्यक्रम के बाद हजारों लोगों ने भारतीय उच्चायोग तक मार्च किया, जहां साउथ एशिया सॉलिडैरिटी ग्रुप की कल्पना विल्सन, इंडियन वर्कर्स एसोसिएशन (ग्रेट ब्रिटेन) के सीतल सिंह गिल और सलविंदर सिंह ढिल्लों सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने सभा को संबोधित किया।

अपने संबोधन में इंडियन वर्कर्स एसोसिएशन (ग्रेट ब्रिटेन) के महासचिव सीतल सिंह गिल ने कहा कि भारत के छात्रों ने अपने साहस, एकता और शांतिपूर्ण संघर्ष से इतिहास रच दिया है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक मंत्री के इस्तीफ़े की जीत नहीं, बल्कि लोकतंत्र और जनशक्ति की जीत है।

उन्होंने बिहार में छात्रों और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज, आंसू गैस और पुलिस फायरिंग की खबरों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं किसी भी लोकतांत्रिक समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकतीं। उन्होंने इन घटनाओं की स्वतंत्र न्यायिक जांच तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

सीतल सिंह गिल ने कहा, “यह जीत भारत के छात्रों और युवाओं की है। लेकिन केवल एक इस्तीफ़ा पर्याप्त नहीं है। जब तक शिक्षा व्यवस्था में सार्थक सुधार, जवाबदेही और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित नहीं होती, इंडियन वर्कर्स एसोसिएशन (ग्रेट ब्रिटेन) भारत के छात्रों और युवाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी।”

कार्यक्रम का समापन लोकतंत्र, सामाजिक न्याय, मानवाधिकार और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता के समर्थन में संघर्ष जारी रखने के संकल्प के साथ हुआ।

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