समाज वीकली यू के
जालंधर 6 जून 2026 : बोधिसत्व अंबेडकर पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, फूलपुर धनाल के समस्त अध्यापकों का एक प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक शैक्षणिक भ्रमण इंटरनेशनल बुद्धिस्ट मिशन ट्रस्ट के संस्थापक एवं चेयरमैन श्री सोहन लाल गिन्डा जी की अगुवाई में आयोजित किया गया। इस भ्रमण का आयोजन विद्यालय की प्रिंसिपल श्रीमती चंचल बौद्ध जी, स्कूल के प्रेसिडेंट श्री राम लुभाया जी तथा सोसायटी सदस्य श्री हुसन लाल जी (धम्माचारी नागभूषण जी) द्वारा किया गया।
श्री सोहन लाल गिन्डा जी लंबे समय से एक समर्पित बौद्ध मिशनरी के रूप में तथागत बुद्ध और बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के समता, करुणा, प्रज्ञा और सामाजिक न्याय के संदेश को स्कूलों के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में अनेक धम्म, सामाजिक और शैक्षणिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिनसे समाज में जागरूकता और मानवतावादी मूल्यों को बढ़ावा मिला है। उपस्थित अध्यापकों ने उनके धम्म सेवा और समाज उत्थान के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें प्रेरणास्रोत बताया।
यात्रा के दौरान अध्यापकों ने सबसे पहले डॉ. अंबेडकर मेमोरियल पार्क, फगवाड़ा का भ्रमण किया, जहां श्री रमेश कौल तथा उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौल जी ने सभी का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने पार्क के इतिहास और उद्देश्य के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा सभी के लिए जलपान की व्यवस्था की। पार्क में स्थापित तथागत गौतम बुद्ध, भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर, बहुजन नायक मान्यवर कांशीराम, माता सावित्रीबाई फुले, फातिमा शेख तथा छत्रपति शाहू जी महाराज की भव्य प्रतिमाओं ने सभी अध्यापकों को सामाजिक न्याय, शिक्षा और मानव कल्याण के लिए इन महापुरुषों एवं महापुरुषाओं के योगदान से परिचित कराया।
इसके उपरांत दल प्रबुद्ध भारत फाउंडेशन, डल्लेवाल (गोराया) पहुंचा। फाउंडेशन परिसर में प्रवेश करते ही महापुरुषों और सामाजिक क्रांति के महानायकों के प्रेरणादायक विचार दीवारों पर अंकित दिखाई दिए, जिन्होंने सभी अध्यापकों को अत्यंत प्रभावित किया। यहां बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर, महात्मा ज्योतिराव फुले, माता सावित्रीबाई फुले, फातिमा शेख, छत्रपति शाहू जी महाराज, मान्यवर कांशीराम तथा अन्य बहुजन नायकों के विचार समाज में शिक्षा, समानता, आत्मसम्मान और सामाजिक न्याय का संदेश देते हुए दिखाई दिए। अध्यापकों ने इन विचारों को सामाजिक परिवर्तन और जागरूकता का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। प्रबुद्ध भारत फाउंडेशन के मेंबरों ने सभी के लिए चाय पानी का प्रबंध किया हुआ था।
इसके बाद दल ऐतिहासिक तक्षशिला बौद्ध विहार, लुधियाना पहुंचा। यहां विद्यालय की ग्रीष्मकालीन छुट्टियों के दौरान बड़ी संख्या में विद्यार्थी और युवा धम्म शिक्षा, नैतिक मूल्यों तथा व्यक्तित्व विकास से संबंधित गतिविधियों में भाग लेने के लिए तक्षशिला बौद्ध विहार आये हुए थे। विहार में शांत एवं आध्यात्मिक वातावरण ने सभी को विशेष रूप से आकर्षित किया। इसके साथ ही अध्यापकों ने संघोल संग्रहालय तथा पुरातात्विक खुदाई स्थलों का भी भ्रमण किया।
संघोल संग्रहालय में संरक्षित कुषाण कालीन मूर्तियों, सिक्कों और अन्य ऐतिहासिक अवशेषों ने सभी को बौद्ध सभ्यता की समृद्ध विरासत से परिचित कराया। शिक्षकों ने जाना कि बौद्ध धम्म ने सदियों से मानवता को करुणा, मैत्री, अहिंसा और समानता का संदेश दिया है।
इसके उपरांत दल ऐतिहासिक गुरुद्वारा चरन कंवल साहिब, माछीवाड़ा पहुंचा। यहां अध्यापकों ने गुरुद्वारे के इतिहास और सिख विरासत के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। उन्हें बताया गया कि श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने चमकौर साहिब के युद्ध के बाद माछीवाड़ा के जंगलों में कुछ समय व्यतीत किया था। कठिन परिस्थितियों में भी गुरु साहिब ने साहस, धैर्य, मानवता और न्याय का संदेश दिया। अध्यापकों ने गुरुद्वारा परिसर में स्थित संग्रहालय का भी भ्रमण किया, जहां गुरु गोबिंद सिंह जी के जीवन, संघर्षों, युद्धों तथा सिख इतिहास से संबंधित दुर्लभ चित्रों, दस्तावेजों और ऐतिहासिक जानकारियों को देखा। इस भ्रमण ने सभी को पंजाब की समृद्ध धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत से रूबरू करवाया।
इसके पश्चात दल शहीद-ए-आजम भगत सिंह जी के पैतृक गांव खटकड़ कलां पहुंचा, जहां उन्होंने शहीद भगत सिंह जी के जीवन, विचारों और स्वतंत्रता संग्राम में उनके अतुलनीय योगदान के बारे में जानकारी प्राप्त की। उनके घर में संरक्षित ऐतिहासिक दस्तावेजों और स्मृतियों ने जिसमें उनके रोज प्रयोग होने वाला सामान शामिल था ,उसने सभी को देशभक्ति और बलिदान की भावना से प्रेरित किया।
भ्रमण के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बौद्ध धम्म केवल एक धर्म नहीं, बल्कि मानव कल्याण, तर्कशीलता, नैतिकता और सामाजिक समरसता का जीवन मार्ग है। आज के समय में भगवान बुद्ध और बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर के विचार समाज में शांति, समानता और भाईचारे को मजबूत करने के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं।
इसके उपरांत दल बेहराम पहुंचा, जहां मिशनरी साथी श्री गुरदयाल बौद्ध जी (यूके) ने सभी का स्वागत किया। उन्होंने मिशन से संबंधित विचारों का आदान-प्रदान किया तथा सभी के लिए चाय-नाश्ते का प्रबंध किया। उन्होंने अध्यापकों को अध्ययन हेतु ‘बुद्ध तथा उनका धम्म’ ग्रंथ भेंट किए।
इसके बाद दल सूंड स्थित अंबेडकर बुद्धिस्ट रिसोर्स सेंटर पहुंचा जो कि डॉ. अंबेडकर मेमोरियल कमेटी ब्रिटेन द्वारा स्थापित किया गया और श्री सोहन लाल गिन्डा जी (वर्तमान इंटरनेशनल बुद्धिस्ट मिशन ट्रस्ट के संस्थापक एवं अध्यक्ष) इसके प्रमुख संस्थापक रहे हैं। 1969 से 1973 तक दिन रात की सख्त मेहनत के फलस्वरूप ये ढांचा खड़ा हुआ, वे इसके विकास में द्वितीय दानी सज्जन हुए हैं उन्होंने इस सेंटर के विकास में भी बहुमूल्य सहयोग दिया है। इसमें डॉ. अंबेडकर हाई स्कूल भी है,जहां विद्यालय प्रबंधन द्वारा सभी अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। अध्यापकों ने विद्यालय परिसर में बने विशाल मेडिटेशन हॉल और कॉन्फ्रेंस हॉल का अवलोकन किया। इसके साथ ही उन्हें बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर से जुड़ी ऐतिहासिक धरोहरों को देखने का अवसर मिला। यहां बाबा साहेब द्वारा उपयोग की गई कुर्सी, बॉक्स, पत्र, टेप रिकॉर्डर सहित अन्य दुर्लभ वस्तुएं सुरक्षित रूप से संरक्षित की गई हैं। अध्यापकों ने बाबा साहेब की विभिन्न ऐतिहासिक तस्वीरों का भी अवलोकन किया, जिनमें उनके जीवन के महत्वपूर्ण क्षणों, पंजाब के प्रथम दौरे तथा विभिन्न सामाजिक आंदोलनों से संबंधित दुर्लभ चित्र शामिल थे। इन अमूल्य धरोहरों को देखकर सभी अध्यापक अत्यंत प्रभावित हुए तथा उन्होंने बाबा साहेब के संघर्ष, विद्वता और सामाजिक परिवर्तन के प्रति समर्पण को श्रद्धापूर्वक याद किया। विद्यालय में सभी अध्यापकों को चाय-पानी एवं जलपान कराया गया तथा शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और धम्म मूल्यों के प्रसार पर विचार-विमर्श हुआ।
अंत में सभी अध्यापकों ने इस सफल एवं प्रेरणादायक भ्रमण के लिए आयोजकों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा न केवल ऐतिहासिक ज्ञान प्रदान करने वाली रही, बल्कि बौद्ध धम्म, सामाजिक न्याय, शिक्षा और मानवीय मूल्यों को समझने तथा उन्हें जीवन में अपनाने की प्रेरणा भी देने वाली सिद्ध हुई। श्री सोहन लाल गिन्डा जी के मार्गदर्शन में आयोजित यह भ्रमण सभी प्रतिभागियों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बन गया।
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श्री हुसन लाल जी: 9988393442






