लखनऊ: (समाज वीकली) उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में हाल में गोमांस तस्करी के नाम पर चार मुसलमान युवकों की की गई माब लिंचिंग निंदनीय है। यह बात आज आल इंडिया पीपुल्स फ्रन्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस. आर. दारापुरी द्वारा जारी किए गए प्रेस नोट में कही गई है। इसमें आगे यह भी कहा गया है कि यह घटना उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के अपराध नियंत्रण तथा उत्तम सुरक्षा व्यवस्था के दावों की जगह प्रदेश में व्यापक अपराध एवं अराजकता की स्थिति की भी प्रतीक है। यह साफ दिखाता है कि प्रदेश में कानून का राज नहीं रह गया है और अपराधियों व असामाजिक तत्वों का मनोबल बढ़ा हुआ है। यह उल्लेखनीय है कि माब लिंचिंग को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा तहसीन पूनावाला- 2018 केस में सभी राज्यों को विशेष व्यवस्था करने, इसे रोकने में विफल रहने वाले अधिकारियों को उत्तरदायी ठहराने तथा दंडित करने हेतु कहा गया है परंतु इसके बावजूद उत्तर प्रदेश में माब लिंचिंग की घटनाएं बराबर हो रही हैं। इन घटनाओं में बजरंग दल, हिन्दू युवा वाहिनी तथा गोरक्षा के नाम पर बने निजी संगठन गोमांस तस्करी के नाम पर बराबर माब लिंचिंग कर रहे हैं। इन्हें सरकार व प्रशासन का सहयोग तथा उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाही के अभाव का भी प्रतीक है। अतः एआईपीएफ उत्तर प्रदेश सरकार से माब लिंचिंग की घटनाओं में लिप्त संगठनों तथा अलीगढ़ माब लिंचिंग के अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई करने, मार खाए सभी युवकों का समुचित इलाज कराने तथा उन्हें मुआवजा देने, सांप्रदायिक दंगों की तरह माब लिंचिंग में भी संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक तथा जिलाधिकारी को जिम्मेदार ठहराने और प्रदेश में कानून का राज स्थापित करने की मांग करता है।
एस. आर. दारापुरी
राष्ट्रीय अध्यक्ष आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट।



