समाज वीकली यू के
जारीकर्ता: काउंसिलर रुपिंदर सिंह,
चेयर, कोवेंट्री इक्वालिटी ग्रुप
दिसंबर 2025
कोवेंट्री इक्वालिटी ग्रुप ने चेयर काउंसिलर रुपिंदर सिंह और सचिव एवं संस्थापक काउंसिलर राम प्रकाश लाखा OBE के नेतृत्व में 6 दिसंबर 2025 को रवीदासिया कम्युनिटी सेंटर, जैसमंड रोड, कोवेंट्री में अपना 2025 विंटर सत्र सफलतापूर्वक आयोजित किया। यह कार्यक्रम परिनिर्वाण दिवस को समर्पित था — अर्थात डॉ. भीमराव अम्बेडकर के परिनिर्वाण का दिन, जो भारत के महान संविधान-निर्माता, अर्थशास्त्री, न्यायविद, सामाजिक सुधारक और वैश्विक समानता के प्रतीक माने जाते हैं।
सत्र में कोवेंट्री के कई काउंसिलर, इक्वालिटी ग्रुप के सदस्य, गुरुद्वारों और मंदिरों के प्रतिनिधि, सामुदायिक विद्वान और स्थानीय निवासी उपस्थित थे। कार्यक्रम में बौद्धिक संवाद, गहन चिंतन और सामुदायिक एकता का वातावरण रहा।
उपस्थित काउंसिलर
कार्यक्रम में निम्नलिखित काउंसिलर उपस्थित रहे:
- काउंसिलर पैट सीमैन
- काउंसिलर क्रिस्टीन थॉमस
- काउंसिलर माया़ अली
- काउंसिलर सेई एगोबोला
- काउंसिलर अमीरजीत कौर
- काउंसिलर राम लाखा OBE (संस्थापक, कोवेंट्री इक्वालिटी ग्रुप)
- काउंसिलर रुपिंदर सिंह (चेयर, कोवेंट्री इक्वालिटी ग्रुप)
उनकी उपस्थिति ने कोवेंट्री शहर की न्याय, समानता और समावेशन के प्रति प्रतिबद्धता को और अधिक दृढ़ किया।
डॉ. अम्बेडकर: समानता के महान चिंतक
कोवेंट्री इक्वालिटी ग्रुप का एक प्रमुख उद्देश्य समुदाय को डॉ. अम्बेडकर के कार्य, विचारों और संघर्षों के बारे में शिक्षित करना है।
अम्बेडकर का असमानता पर किया गया विश्लेषण अद्वितीय है, और उनके सुझाए समाधान — शिक्षा, कानूनी अधिकार, संवैधानिक नैतिकता, सामाजिक सुधार और बंधुत्व — आज भी उतने ही प्रभावी हैं।
गहरे भेदभाव का सामना करते हुए वे:
- भारत के संविधान सभा की ड्राफ्टिंग कमेटी के चेयर
- भारत के पहले क़ानून मंत्री
- नागरिक अधिकारों, महिलाओं के अधिकारों और श्रमिक सुरक्षा के अग्रदूत
- कानून, राजनीति, मानवशास्त्र और अर्थशास्त्र के अंतरराष्ट्रीय स्तर के विद्वान बने।
मुख्य वक्ता श्री दविंदर कुमार चंदर ने बताया कि स्वतंत्रता के शुरुआती दौर में अम्बेडकर के अनेक प्रगतिशील सुधारों को उनके समकालीन नेताओं द्वारा रोका गया।
वक्ता और उनके विचार
परमजीत जेस्सल
उन्होंने अम्बेडकर के क़ानून मंत्री पद से दिए गए ऐतिहासिक इस्तीफ़े पर प्रकाश डाला और बताया कि हिदू कोड बिल जैसे महत्वपूर्ण सुधारों को बार-बार रोका गया। अम्बेडकर का इस्तीफ़ा निराशा नहीं बल्कि नैतिक प्रतिरोध था।
तेजिंदर सिंह
तेजिंदर ने अम्बेडकर के इस विचार को समझाया कि केवल मताधिकार से लोकतंत्र पूरा नहीं होता। समानता लागू करवाने हेतु अम्बेडकर ने “लोकतंत्र का कांस्टेबल” जैसी अवधारणा प्रस्तुत की।
मुख्य वक्ता: दविंदर कुमार चंदर
उन्होंने विस्तार से बताया कि अम्बेडकर को किस प्रकार राजनीतिक और सामाजिक अवरोधों का सामना करना पड़ा और उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया।
चेयर काउंसिलर रुपिंदर सिंह द्वारा खुली चर्चा
चर्चा अत्यंत समावेशी, उत्साहपूर्ण और विचारशील रही। प्रतिभागियों ने कहा:
- “यह कोवेंट्री में अम्बेडकर पर आयोजित सबसे अर्थपूर्ण चर्चाओं में से एक थी।”
- वे ऐसे और सत्र चाहते हैं।
समुदाय और धार्मिक नेताओं का योगदान
श्री गुरु रविदास मंदिर, 19 जैसमंड रोड से:
- अश्वनी कुमार
- राज कुमारी
- अमरीक सिंह जी (जिनकी चाय को सभी ने पसंद किया)
श्री गुरु रविदास गुरुद्वारा, फोलेशिल रोड से:
- श्रीमती अनीता पूरी और उनकी टीम
अन्य योगदानकर्ता:
गुरचरण रविदास, जगजीवन दास, डॉ. मदन लाल, मुख्तार सिंह मट्टू, जगदीश बंगा, दौलता बाली।
इक्वालिटी ग्रुप के सदस्य — उत्कृष्ट टीमवर्क
जगपाल सिंह, रघबीर सिंह, श्रीमती जेस्सल, हरशु सैनी (जिन्होंने सेटअप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई), तजिंदर सिंह, अमीरजीत कौर, अशोनी कुमार — सभी ने उत्कृष्ट योगदान दिया।
एकता, शिक्षा और सामाजिक सम्मान का उत्सव
इस कार्यक्रम ने निम्न मूल्यों को और मजबूत किया:
- समानता
- आपसी समझ
- इतिहास से सीख
- भेदभाव के विरुद्ध एकजुटता
ग्रुप के लक्ष्य:
- 14 अप्रैल को इक्वालिटी डे मनाना
- “शिक्षित बनो, संघर्ष करो, संगठित हो” संदेश को प्रसारित करना
- अंतरराष्ट्रीय इक्वालिटी डे को मान्यता दिलाने हेतु प्रयास करना
चेयर का संदेश
“डॉ. अम्बेडकर ने मानवता को सिखाया कि समानता एक नैतिक कर्तव्य है, न कि केवल एक नारा। हम उनके विचारों से प्रेरित होकर कोवेंट्री को सम्मान, न्याय और बंधुत्व का शहर बनाने का कार्य जारी रखेंगे।”
— काउंसिलर रुपिंदर सिंह, चेयर, कोवेंट्री इक्वालिटी ग्रुप




