समाज वीकली यू के
एक बार महा- कारुणिक बुद्ध ने भिक्खुओं को चार प्रकार के लोगों के भेद बताते हुए उन्हें पहचानने व जानने के बारे में कहा कि कौन व्यक्ति न्यायी है और कौन सच्चरित (अच्छा चरित्र वाला) है ? –
(i) कुछ लोग ऐसे होते हैं जो केवल अपनी भलाई करने के लिए प्रयास करते हैं, दूसरों के लिए नहीं.
(ii) एक वर्ग ऐसे लोगों का होता है, जो दूसरों की भलाई करने में ही लगे रहते हैं, अपनी भलाई में नहीं.
(iii) कुछ लोग ऐसे होते है, जो न तो अपनी भलाई करने की कोशिश करते हैं और न दूसरों की भलाई करने की कोशिश करते हैं.
(iv) कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो अपनी भलाई करने की कोशिश तो करते ही हैं, किंतु दूसरों की भलाई करने की भी कोशिश करते रहते हैं.
इस प्रकार भिक्खुओं ! यह अंतिम आदमी ही न्यायी और सज्जन व्यक्ति माना जाना चाहिए.
(संदर्भ- बाबासाहेब डॉ अंबेडकर द्वारा लिखित जगत् प्रसिद्ध महान् ग्रंथ-“बुद्ध और उनका धम्म” में वर्णित बुद्ध की धम्म-देशनाएं).
~Satya Ratna Shaurya



