समाज वीकली यू.के.
इंडियन वर्कर्स एसोसिएशन (ग्रेट ब्रिटेन) 28 फ़रवरी 2026 को अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए सैन्य हमलों की कड़ी निंदा करती है। इस कार्रवाई से मध्य-पूर्व में तनाव बहुत बढ़ गया है और हालात और भी खतरनाक हो सकते हैं।
रिपोर्टों के अनुसार कुछ ही दिनों में सैकड़ों लोग मारे गए और हजारों घायल हुए हैं। इनमें आम नागरिक, महिलाएँ और बच्चे भी शामिल हैं। यह बहुत दुखद और चिंताजनक है।
हमारा मानना है कि युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं होता। युद्ध से केवल तबाही होती है और सबसे अधिक नुकसान आम परिवारों को उठाना पड़ता है। जब बातचीत और कूटनीति का रास्ता मौजूद था, तब सैन्य कार्रवाई करना सही नहीं था।
ऐसी कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून पर भी सवाल खड़े करती है। यदि तनाव और बढ़ता है तो दूसरे देश भी इस संघर्ष में शामिल हो सकते हैं। इससे बड़े युद्ध का खतरा पैदा हो सकता है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा।
ब्रिटिश सरकार को साफ और जिम्मेदार रुख अपनाना चाहिए। यूनाइटेड किंगडम को इस सैन्य कार्रवाई का विरोध करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ब्रिटेन के सैन्य ठिकाने, खुफिया सहयोग या हथियार इस संघर्ष में उपयोग न हों। हथियारों की बिक्री की तुरंत समीक्षा की जानी चाहिए।
सीतल सिंह गिल, महासचिव, इंडियन वर्कर्स एसोसिएशन (ग्रेट ब्रिटेन) ने कहा:
“युद्ध से किसी को फायदा नहीं होता। इसकी कीमत आम लोग चुकाते हैं। सच्चा नेतृत्व हथियारों में नहीं, बल्कि संवाद और शांति में है।”
इंडियन वर्कर्स एसोसिएशन (ग्रेट ब्रिटेन) तुरंत युद्धविराम और शांतिपूर्ण बातचीत की मांग करती है।



