
समाज वीकली यू के
लेस्टर, यूनाइटेड किंगडम – इंडियन वर्कर्स एसोसिएशन (ग्रेट ब्रिटेन) ने ओल्डबरी (बर्मिंघम) में एक युवा सिख महिला के साथ नस्लीय मंशा से हुए बलात्कार और मिडलैंड्स में एक सिख टैक्सी ड्राइवर पर नस्लीय हमले की कड़ी निंदा की है। संगठन ने कहा है कि ये घटनाएँ यूनाइटेड किंगडम में अल्पसंख्यक और प्रवासी समुदायों के खिलाफ बढ़ते घृणा अपराधों की बेहद चिंताजनक प्रवृत्ति को दर्शाती हैं।
एक सशक्त बयान में सीतल सिंह गिल, महासचिव, इंडियन वर्कर्स एसोसिएशन (GB), ने कहा:
“युवा सिख महिला पर नस्लीय मंशा से किया गया बलात्कार एक बर्बर और कायरतापूर्ण अपराध है, जिसने हर संवेदनशील व्यक्ति को झकझोर दिया है। यह केवल एक महिला पर हमला नहीं है, बल्कि सभी महिलाओं और अल्पसंख्यक समुदायों की गरिमा और सुरक्षा पर हमला है।
हम कुछ राजनीतिक दलों के रवैये से बेहद निराश हैं, जो प्रवासियों को निशाना बनाकर ब्रिटिश जनता के बीच विभाजन फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। यह विभाजनकारी राजनीति केवल नस्लवाद और नफरत को बढ़ावा देती है। हम सभी न्यायप्रिय और शांति-प्रेमी लोगों से अपील करते हैं कि वे ऐसी राजनीति को अस्वीकार करें और एकता व भाईचारे के साथ खड़े हों।”
श्री गिल ने कहा कि इंडियन वर्कर्स एसोसिएशन (GB) और व्यापक समुदाय नस्लवाद और नफरत के हर रूप के खिलाफ अपना संघर्ष जारी रखेगा, और सभी ट्रेड यूनियनों, धार्मिक तथा सामाजिक संगठनों से मिलकर एक संयुक्त अभियान चलाने का आह्वान किया।
“किसी एक समुदाय पर हमला, सभी समुदायों पर हमला है। नस्लवाद, महिलाओं के प्रति हिंसा और नफरत का किसी सभ्य और लोकतांत्रिक समाज में कोई स्थान नहीं है।”
इंडियन वर्कर्स एसोसिएशन ने ब्रिटिश सरकार, पुलिस विभाग और क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस से अपील की है कि वे इस मामले में तुरंत और कठोर कार्रवाई करें, पीड़िता को न्याय दिलाएँ, अपराधियों को न्यायालय में पेश करें, और महिलाओं व अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा को सशक्त बनाएँ।
यह संगठन, जो ब्रिटेन में नस्लवाद विरोधी और श्रमिक अधिकारों के लिए दशकों से संघर्षरत रहा है, ने कहा है कि वह यह प्रस्ताव और वक्तव्य सभी प्रमुख ट्रेड यूनियनों को भेज रहा है तथा आगामी कार्यवाहियों और बैठकों की योजना बना रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि न्याय हो और स्पष्ट रूप से दिखाई भी दे।

