* छात्रों का प्रदर्शन अभूतपूर्व, धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल देना चाहिए इस्तीफा
नई दिल्ली, (समाज वीकली) आज छात्रों-नौजवानों की तरफ से आयोजित संसद मार्च में बर्बर लाठी चार्ज, आंसू गैस चलाने और गिरफ्तारी की ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट में कड़ी आलोचना की है। ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट की राष्ट्रीय संगठन महासचिव कशु शूभमूर्ति, उत्तर प्रदेश महासचिव दिनकर कपूर समेत तमाम कार्यकर्ताओं ने संसद मार्च में हिस्सेदारी की। प्रेस को जारी बयान में कहा गया कि मोदी सरकार की गैर जवाबदेह कार्रवाइयाँ और संवैधानिक संस्थाओं को नष्ट करने के कारण पैदा हुई अव्यवस्था के खिलाफ छात्रों नौजवानों का आक्रोश
अभूतपूर्व रहा है। पूरे देश से हजारों की संख्या में छात्रों ने आज के कार्यक्रम में हिस्सेदारी की है। छात्रों की इस अभिव्यक्ति का सम्मान करते हुए मोदी सरकार को तत्काल शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेना चाहिए। लेकिन सरकार इससे सबक न लेकर दमन के रास्ते पर चल रही है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन में छात्राओं, समर्थन में आए अभिभावकों, बुजुर्गों और बच्चों तक पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया है और सैकड़ों लोग घायल हैं। बयान में कहा गया कि नीट पेपर लीक और सीबीएसई ओएसएम परीक्षा प्रणाली में घोटाले की जवाबदेही तय करते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की न्यूनतम मांग पर शुरू हुए इस आंदोलन से जो ऊर्जा पैदा हुई है वह मोदी सरकार को हटाने तक जाएगी। आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट इस आंदोलन से उठाये जा रहे सवालों के साथ रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेंशन के संवैधानिक अधिकारों की गारंटी और संसाधन जुटाने के लिए कॉर्पोरेट की संपत्ति पर टैक्स लगाने के सवाल पर अभियान संगठित कर रहा है।
भवदीय- एस. आर. दारापुरी,राष्ट्रीय अध्यक्ष,आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट।






