समाज वीकली यू के
इंडियन वर्कर्स एसोसिएशन (ग्रेट ब्रिटेन) ने सिडनी के बॉन्डी बीच पर हुए घातक आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है, जिसमें हनुक्का पर्व मना रहे यहूदी परिवारों को निशाना बनाया गया और कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं।
जारी बयान में एसोसिएशन ने इस हमले को यहूदी-विरोधी घृणा और आतंकवाद का कृत्य बताया और मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की, साथ ही ऑस्ट्रेलिया और दुनिया भर के यहूदी समुदाय के साथ एकजुटता प्रकट की।
इंडियन वर्कर्स एसोसिएशन (ग्रेट ब्रिटेन) के महासचिव सीतल सिंह गिल ने कहा कि यह हमला साझा मानवीय मूल्यों और लोकतांत्रिक सिद्धांतों पर गंभीर प्रहार है।
“निर्दोष परिवारों पर किया गया यह क्रूर और यहूदी-विरोधी हमला पूरी तरह निंदनीय है। घृणा से प्रेरित हिंसा का किसी भी समाज में कोई स्थान नहीं है। हम ऑस्ट्रेलिया और दुनिया भर के यहूदी समुदाय के साथ पूरी एकजुटता में खड़े हैं। एक समुदाय पर हमला हम सभी पर हमला है, और हमें मिलकर यहूदी-विरोध, नस्लवाद और हर प्रकार के अतिवाद को अस्वीकार करना होगा।”
एसोसिएशन ने कहा कि धार्मिक या नस्लीय घृणा से प्रेरित हिंसा सामाजिक एकता को कमजोर करती है और सभी समुदायों की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करती है। उसने सरकारों, संस्थानों और नागरिक समाज से नफरत-आधारित अपराधों को रोकने और अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने का आह्वान किया।
इंडियन वर्कर्स एसोसिएशन (ग्रेट ब्रिटेन) ने यहूदी-विरोध, इस्लामोफोबिया, नस्लवाद और हर प्रकार के भेदभाव के खिलाफ अपनी लंबे समय से चली आ रही प्रतिबद्धता को दोहराया और हिंसा व अतिवाद के विरुद्ध सभी धर्मों और समुदायों के बीच एकता का आग्रह किया।
बयान में कहा गया,
“घृणा का जवाब एकजुटता, न्याय और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के प्रति नए संकल्प के माध्यम से ही दिया जा सकता है।”
इस हमले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक निंदा हुई है और इसने अतिवादी हिंसा और नफरत के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की मांग को और तेज कर दिया है।



