समाज वीकली यू के
नींव के नायक: ज़मीन की असल ताक़त
सीवर कर्मियों की कार्यशाला
24 मई 2025 (शनिवार)
दोपहर 3:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक
डिप्टी चेयरमैन हॉल, कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया, नई दिल्ली
ज़िंदाबाद साथियों,
जय भीम और हुल जोहार!
हम आपको एक महत्वपूर्ण कार्यशाला में भाग लेने के लिए सादर आमंत्रित करते हैं, जिसका शीर्षक है “ नींव के नायक: ज़मीन की असल ताक़त “। यह कार्यशाला दिल्ली-एनसीआर के सीवर मज़दूरों द्वारा झेली जा रही जटिल चुनौतियों पर केंद्रित है। इस आयोजन का उद्देश्य मज़दूरों, पर्यवेक्षकों, यूनियन प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, वकीलों और सिविल सोसाइटी के सदस्यों के बीच संवाद को बढ़ावा देना है, ताकि श्रम अधिकारों, कार्यस्थल की सुरक्षा, और ठेका आधारित रोजगार प्रणालियों में व्याप्त शोषण पर विमर्श किया जा सके।
जैसा कि हम सभी जानते हैं, सीवर मज़दूर शहरी स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य के सबसे अहम और जोखिमपूर्ण मोर्चे पर काम करते हैं। फिर भी, वे अदृश्य, अल्पवेतनभोगी, असुरक्षित और सम्मान तथा अधिकारों से वंचित रहते हैं। इन मज़दूरों में से अधिकांश ऐतिहासिक रूप से वंचित समुदायों से आते हैं — अक्सर दलित — जिन्हें संरचनात्मक भेदभाव, शोषणकारी मज़दूरी प्रथाओं और प्रशासनिक उपेक्षा का सामना करना पड़ता है।
यह कार्यशाला निम्नलिखित उद्देश्यों की पूर्ति हेतु मंच प्रदान करेगी:
- सीवर मज़दूरों, पर्यवेक्षकों, यूनियन नेताओं, क़ानूनी विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों के बीच संवाद स्थापित करना।
- ठेका आधारित रोज़गार की स्थिति, कानूनी निषेध के बावजूद जारी मैनुअल स्कैवेंजिंग, और इन्फोर्समेंट मेकनिस्म्स की विफलताओं की आलोचनात्मक समीक्षा करना।
- सीवर मज़दूरों की आवाज़ को केंद्र में रखते हुए उनके अनुभवों और गवाही को साझा करना — जिनमें वेतन में देरी, रोज़गार की अनियमिता, सुरक्षा उपकरणों की अनुपस्थिति और मनमाने ढंग से निकाले जाने की घटनाएं शामिल हैं।
- मज़दूरों और उनके परिवारों पर पड़ने वाले सामाजिक-आर्थिक प्रभावों पर चर्चा करना — जैसे खाद्य असुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच, बच्चों की शिक्षा, और जीवन की अस्थिरता से उपजा मानसिक बोझ।
- नीतिगत सुधारों को प्रभावित करने, गरिमापूर्ण रोज़गार सुनिश्चित करने, और जवाबदेही एवं न्याय की व्यवस्था विकसित करने हेतु सामूहिक और क्रियाशील रणनीतियों की रूपरेखा बनाना।
इस कार्यशाला में हमारे साथ एक विशिष्ट वक्ताओं का पैनल होगा, जो क़ानूनी विशेषज्ञता, जमीनी अनुभव, और संस्थागत समझ लेकर आएंगे:
- प्रो. (डॉ.) विनोद कुमार, प्रोफेसर ऑफ लॉ एवं निदेशक, सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स एंड सबऑल्टर्न स्टडीज, एनएलयू दिल्ली
- वीरेंद्र गौर, अध्यक्ष, सीटू, दिल्ली-एनसीआर कमिटी
- हेमलता कंसोटिया, राष्ट्रीय संयोजक, एनसीडीआरएसएडब्ल्यू
- वेद प्रकाश, अध्यक्ष, दिल्ली जल बोर्ड सीवर डिपार्टमेंट मज़दूर संगठन
- सुशील कुमार चंदेल, महासचिव, दिल्ली जल बोर्ड सीवर डिपार्टमेंट मज़दूर संगठन
- धर्मेंद्र भाटी, अध्यक्ष, म्युनिसिपल वर्कर्स लाल झंडा यूनियन (सीटू)
- विजय कुमार बालगुहेर, उपाध्यक्ष, अखिल भारतीय श्रमिक संघ (दिल्ली प्रदेश)
- अजय हितैषी, सामाजिक कार्यकर्ता (गाजियाबाद)
- आज़ाद सिंह डेढा, अध्यक्ष, ऑल डीजेबी इंप्लॉइज़ वेलफेयर एसोसिएशन
- सुशील कैम महासचिव (पूर्वी दिल्ली), जल मल कामगार संघर्ष मोर्चा
- सीमा माथुर, प्रोफेसर, दिल्ली विश्वविद्यालय
- प्रिया दर्शिनी, दिल्ली फोरम
- ऐश्वर्या कुमार, पीएचडी शोधार्थी, फैकल्टी ऑफ लॉ, दिल्ली विश्वविद्यालय
आपकी भागीदारी इस सामूहिक संघर्ष को मज़बूती प्रदान करेगी, और सीवर मज़दूरों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की दिशा में हो रहे प्रयासों को सशक्त बनाएगी।
अधिक जानकारी हेतु कृपया संपर्क करें: अशोक कुमार: +91 7065721374, 8491052270
आयोजक : Dalit Adivasi Shakti Adhikar Manch (DASAM) | Municipal Workers Lal Jhanda Union (CITU) | Delhi Jal Board Sewer Department Mazdoor Sangathan | All DJB Employees Welfare Association | Jal Mal Kaamgaar Sangharsh Morcha | Delhi Jal Board Karamchari Union | Indian Sanitation Studies Collective (ISSC) | Akhil Bhartya Shramik Sangh (Delhi Pradesh) | Ambedkarwadi Lekhak Sangh (ALS) | Peoples Media Advocacy & Resource Centre (PMARC) | Sewerage and Allied Workers Forum (SSKM) | Magadh Foundation | Wastepicker’s Welfare Foundation (WWF)



