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“न्याय, बराबरी और सम्मान के लिए मजदूरों का कोई धर्म नहीं” — लेस्टर अशांति रिपोर्ट के बाद एकता की अपील: इंडियन वर्कर्स एसोसिएशन (जी.बी.)

Sital Singh Gill

समाज वीकली यू.के.

लेस्टर- इंडियन वर्कर्स एसोसिएशन (ग्रेट ब्रिटेन), जिसकी लेस्टर में मजबूत जड़ें हैं और जो एक राष्ट्रीय संगठन है, 2022 में लेस्टर में हुई अशांति पर आई स्वतंत्र आयोग की रिपोर्ट का स्वागत करती है। एसोसिएशन का मानना है कि यह रिपोर्ट सोचने, सीखने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मिलकर काम करने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है।

लेस्टर लंबे समय से ब्रिटेन के सफल बहुसांस्कृतिक शहरों में गिना जाता रहा है, जहाँ अलग-अलग धर्मों, संस्कृतियों और पृष्ठभूमि के लोग शांति और आपसी सम्मान के साथ रहते आए हैं। 2022 की घटनाओं से डर, तनाव और विभाजन का माहौल बना, इसलिए ज़रूरी है कि समुदाय इससे सबक लें और एकता को मजबूत बनाए रखें।

पृष्ठभूमि – यह क्यों हुआ?

2022 में तनाव अचानक नहीं हुआ बल्कि धीरे-धीरे बढ़ा। अगस्त 2022 में भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच के बाद भावनाएँ अधिक तीव्र हो गईं। उसी दौरान सोशल मीडिया पर कई झूठी खबरें, अफवाहें और भड़काऊ संदेश तेजी से फैले, जिससे कुछ समूहों के बीच अविश्वास बढ़ा। हालांकि बहुत कम लोग सीधे तौर पर हिंसा में शामिल थे, लेकिन इसका असर पूरी कम्युनिटी पर पड़ा।

अशांति का प्रभाव

इन घटनाओं के दौरान कई लोगों को गिरफ्तार किया गया और स्थिति को संभालते समय लगभग 25 पुलिस अधिकारियों के घायल होने की रिपोर्ट सामने आई। कुछ आम नागरिक भी प्रभावित हुए तथा घरों, व्यवसायों और वाहनों को नुकसान पहुँचा। खुशी की बात है कि कोई जान-माल का बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन कई परिवारों में डर और अनिश्चितता का माहौल पैदा हुआ और लेस्टर की शांतिपूर्ण छवि को भी नुकसान पहुँचा।

इंडियन वर्कर्स एसोसिएशन लोगों से अपील करती है कि बिना पुष्टि के सोशल मीडिया पर कोई संदेश साझा न करें। गलत जानकारी गलतफहमियाँ और तनाव पैदा करती है।

एसोसिएशन ने लेस्टर और अन्य शहरों में सामुदायिक बैठकों और सेमिनार आयोजित करने की घोषणा की है, ताकि एकता, जागरूकता और जिम्मेदार संवाद को बढ़ावा दिया जा सके। इस कार्य में धार्मिक नेताओं, ट्रेड यूनियनों, युवाओं के समूहों और नागरिक संस्थाओं के साथ मिलकर काम किया जाएगा।

इस पर इंडियन वर्कर्स एसोसिएशन (जी.बी.) के महासचिव सीतल सिंह गिल ने कहा:

“न्याय, बराबरी और सम्मान की बात आए तो मजदूरों का कोई धर्म नहीं होता। हमारी साझा इंसानियत और साझा संघर्ष हमेशा किसी भी विभाजन से ऊपर होने चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा:
“आज हर समुदाय एक जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है — बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, मकानों की कमी और एनएचएस पर बढ़ता दबाव। ये समस्याएँ हम सभी की हैं। हमें गलत जानकारी या राजनीतिक तनाव को अपनी एकता तोड़ने नहीं देना चाहिए। एकता ही आगे बढ़ने का रास्ता है।”

इंडियन वर्कर्स एसोसिएशन (ग्रेट ब्रिटेन) ने नस्लवाद के खिलाफ, बराबरी, सामाजिक न्याय और सामुदायिक एकता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि लेस्टर के भविष्य के लिए एकता सबसे बड़ी ताकत है।

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