बोधिसत्व अंबेडकर पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल फूलपुर धनाल जालंधर की तरफ से रैली निकाल कर किया रोष प्रदर्शन
#समाज वीकली
दिनांक 28 जनवरी 2025 को बोधिसत्व अंबेडकर पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल फूलपुर धनाल, जालंधर की तरफ से रोष मार्च निकाका गया, इसका मुख्य उद्देश्य पंजाब के अमृतसर ज़िले में बनी हुई महामानव, नारी मुक्ति दाता, संविधान निर्माता, बोधिसत्व बाबा साहब डॉ भीम राव अंबेडकर जी की प्रतिमा को क्षति पहुंचाने की कोशिश करने वाले को सख्त सज़ा दिलवाना तथा भविष्य में ऐसी घटना न हो इस लिए विरोध करना था। इंटरनेशनल बुद्धिस्ट मिशन के फाउंडर तथा चेयरमैन श्री सोहन लाल गिंडा जी ने इस शर्मनाक घटना की निंदा की। इस रोष मार्च में स्कूल की आदरणीय प्रिंसिपल श्रीमती चंचल बौद्ध जी, अध्यापकगण तथा बच्चे शामिल हुए। ये रोष मार्च स्कूल से निकल कर धनाल खुर्द, धनाल कलां, फूलपुर, लांबड़ी, ताजपुर कालोनी, ताजपुर, भगवानपुर, हुसैनपुर, लांबड़ा आबादी, लांबड़ा गांवों से होते हुए वापिस स्कूल पहुंची। सभी ने बाबा साहब के प्रति श्रद्धा दिखाते हुए अपने नारों से सरकार से न्याय की गुहार लगाई है।
गणतंत्र दिवस जैसे पवित्र दिन पर भारतीय संविधान के निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर हमला और संविधान को जलाने का कृत्य न केवल निंदनीय है, बल्कि यह सीधे-सीधे हमारे लोकतंत्र और संविधान पर हमला है।
यह घटना सिर्फ एक मूर्ति या किताब पर हमला नहीं है, बल्कि यह उस विचारधारा का प्रदर्शन है जो समाज में घृणा और असमानता को बढ़ावा देती है। डॉ. अंबेडकर केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समानता का प्रतीक हैं। उनकी प्रतिमा पर हथौड़ा चलाना उन करोड़ों लोगों की भावनाओं पर हमला है, जो उनके आदर्शों पर चलते हैं।
ऐसे कृत्य करने वालों को यह समझना चाहिए कि यह देश उनके नफरत और कट्टरता के एजेंडे से नहीं चलता। यह अपमान बर्दाश्त से बाहर है, और अगर आज हम चुप रहे, तो कल ये आग हमारे घरों तक पहुंचेगी।
सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इस घटना में शामिल हर दोषी को कड़ी से कड़ी सजा मिले। हम बाबा साहेब और संविधान का अपमान कभी सहन नहीं करेंगे। यह लड़ाई केवल अंबेडकरवादियों की नहीं, बल्कि हर उस भारतीय की है जो इस देश के लोकतंत्र और न्याय पर विश्वास करता है।