भारतीय संविधान हमारी एकता, अधिकार, समानता और न्याय का प्रतीक है – प्रो. बलबीर

जालंधर (समाज वीकली) अंबेडकर मिशन सोसाइटी पंजाब (रजि.) ने अंबेडकर भवन, डॉ. अंबेडकर मार्ग, जालंधर में बड़ी श्रद्धा के साथ संविधान दिवस मनाया। अंबेडकर भवन में तथागत बुद्ध और बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद समारोह का शुभारंभ हुआ। मुख्य वक्ता अंबेडकर मिशन सोसाइटी के उपाध्यक्ष एवं पूर्व विभागाध्यक्ष, राजनीति विज्ञान विभाग, दोआबा कॉलेज जालंधर, प्रोफेसर बलबीर ने अपने संबोधन में भारतीय संविधान के महत्व और विशेषताओं का वर्णन करते हुए कहा कि भारतीय संविधान हमारी एकता, अधिकार और समानता, न्याय आदि का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि डॉ. उन्होंने अंबेडकर के भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय लोकतंत्र के भविष्य पर चिंता जताते हुए उन्होंने लोकतंत्र के पतन को लेकर बाबासाहेब द्वारा दी 
गई तीन चेतावनियों का भी जिक्र किया और भारतीय संविधान को दुनिया का सबसे महान संविधान बताया। अंबेडकर भवन ट्रस्ट के महासचिव और अंबेडकर मिशन सोसाइटी के संरक्षक डॉ. जी. सी. कौल ने भारतीय संविधान के महत्व पर बात करते हुए कहा कि अगर बाबासाहेब का संविधान हमारे जीवन में नहीं होता तो हम आज भी 3 हजार साल पहले की तरह गुलामी की जिंदगी जी रहे होते। उन्होंने यह भी कहा कि यह संविधान सिर्फ दलितों के लिए नहीं बल्कि पूरे भारत का संविधान है। पूरे भारत को संविधान दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाना चाहिए। इनके अलावा, जर्मनी से पूर्व राजदूत रमेश चंद्र और समर्पित अंबेडकरवादी एवं बुद्धिजीवी सोहन लाल सांपला ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए। 
सोसायटी के अध्यक्ष चरण दास संधू ने वक्ताओं और श्रोताओं का धन्यवाद करते हुए कहा कि जो लोग भारतीय संविधान का विरोध करते हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि यह संविधान उनके लिए भी अच्छा है। जो लोग सत्ता का सुख भोग रहे हैं, वे इसी संविधान की देन हैं। भारतीय संविधान की विशेषता यह है कि देश में विभिन्न भाषाओं, जातियों, धर्मों और सैकड़ों प्रकार के आंतरिक विरोधों के बावजूद, संविधान ने इन सभी को एक सूत्र में बांधे रखा है और 75 वर्षों के बाद भी देश की अखंडता अक्षुण्ण है। इसलिए भारत की समस्त जनता को डॉ. अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान का सम्मान करना चाहिए। मंच का संचालन सोसायटी के महासचिव बलदेव राज भारद्वाज ने किया। इस मौके पर एडवोकेट परमिंदर सिंह खुतन, तिलकराज, एडवोकेट हरभजन सांपला, बलदेव राज जस्सल, सोहन लाल (रिटायर्ड डीपीआई), हरमेश जस्सल, पिशोरी लाल संधू, ज्योति प्रकाश, डीपी भगत, हरी सिंह थिंद, डॉ. सतपाल, जगतार राम, राजिंदर कुमार, प्रिंसिपल परमजीत जस्सल, प्रोफेसर अश्वनी जस्सल, प्रिंसिपल के.एस. फुल्ल, निर्मल बिंझी, हरी राम, धनी राम सूद, अमजद बेग, मैडम सुमन, सुखविंदर कौर, सुरिंदर कौर आदि मौजूद थे।
बलदेव राज भारद्वाज
महासचिव अंबेडकर मिशन सोसायटी पंजाब (पंजीकृत)
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